Rahul Gandhi on Tata Group: राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि मोदी और अमित शाह भारतीय उद्योग जगत को अपनी कठपुतली बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के बड़े कारोबारी इस मुद्दे पर एकदम चुप हैं। राहुल का यह बयान टाटा संस और टाटा ट्रस्ट के बीच चल रहे विवाद के बीच आया है।
Tata Group Controversy: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने टाटा ग्रुप से जुड़े विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि देश के बड़े उद्योग समूह टाटा को एक आपराधिक साजिश के तहत कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भारतीय उद्योग जगत को अपने नियंत्रण में रखने का आरोप भी लगाया।
राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर देश के बड़े उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट जगत की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इतने बड़े कारोबारी समूह से जुड़े विवाद पर उद्योग जगत के दिग्गजों को अपनी बात रखनी चाहिए। हालांकि, टाटा ग्रुप को लेकर लगाए गए इन आरोपों पर स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
टाटा संस के चेयरमैन को लेकर क्या है विवाद?
टाटा ग्रुप में यह विवाद टाटा ट्रस्ट और टाटा संस के बीच मतभेदों से जुड़ा है। टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने एन. चंद्रशेखरन को दोबारा टाटा संस का चेयरमैन बनाए जाने पर आपत्ति जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 17 सितंबर को हुई बोर्ड बैठक में चंद्रशेखरन को फिर से इस पद की जिम्मेदारी देने का फैसला किया गया था।
नोएल टाटा का पक्ष है कि यह प्रस्ताव कंपनी के नियमों के अनुरूप नहीं था, इसलिए इसकी कानूनी वैधता पर सवाल उठते हैं। इस मतभेद ने टाटा ट्रस्ट और टाटा संस के बीच जारी खींचतान को और चर्चा में ला दिया है।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने टाटा ग्रुप के भीतर चल रहे विवाद के पीछे केंद्र सरकार की भूमिका होने का दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार भारतीय उद्योग जगत को अपनी कठपुतली बनाना चाहती है। राहुल गांधी के मुताबिक, देश के प्रमुख कारोबारी समूहों को स्वतंत्र रूप से काम करने का माहौल मिलना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में टाटा ग्रुप को इंसाफ दिलाने के लिए काम करेगी। हालांकि, सरकार की भूमिका और कथित साजिश से जुड़े आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।
टाटा ग्रुप के विवाद पर टिकी निगाहें
टाटा ग्रुप देश के प्रमुख कारोबारी समूहों में शामिल है। ऐसे में टाटा ट्रस्ट और टाटा संस के बीच नेतृत्व को लेकर मतभेदों ने उद्योग जगत के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा बढ़ा दी है। अब इस मामले में आगे क्या रुख सामने आता है और विवाद का समाधान किस तरह निकलता है, इस पर सबकी नजरें रहेंगी।




