CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को सोमवार दोपहर 2 बजे नए SEM के सामने पेश किया जाएगा। रत्ना सिंह ने देरी पर सवाल उठाए, दिल्ली पुलिस ने आरोप खारिज किए।
Ashutosh Ranka-Saurav Das Bail Update: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की नेता रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को सोमवार दोपहर 2 बजे नए विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (Special Executive Magistrate) के सामने पेश किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए उम्मीद जताई कि इस बार दोनों नेताओं को पेश करने और उनकी रिहाई से जुड़ी कार्यवाही में कोई देरी या रुकावट नहीं आएगी।
रत्ना सिंह ने अपनी पोस्ट में पिछली कार्यवाही के दौरान हुई देरी का जिक्र करते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस बार न तो जांच अधिकारी (IO) अपना फोन बंद रखेंगे, न ही कोई धमकी भरे संदेश भेजे जाएंगे। उन्होंने सुनवाई में देरी और टायर पंचर होने जैसे बहानों का भी जिक्र किया।
Saurav and Ashutosh are scheduled to be produced before the new SEM at 2 PM today. Their judicial custody ends today.
I sincerely hope there will be no further delays - no IO switching off phone for hours, no threatening messages, no hearing at 6PM, no tyre puncture to be not able to produce them.
Basically no “Upar se orders”
— Ratna Singh (@whattalawyer) October 19, 2026
CJP ने गिरफ्तारी की कार्यवाही में जानबूझकर देरी का लगाया आरोप
इससे पहले, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया था कि पार्टी के संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी से जुड़ी कार्यवाही को जानबूझकर लंबा खींचा जा रहा है। दोनों नेता फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
दिपके का कहना है कि प्रशासन अदालती कार्यवाही में देरी कर रहा है, ताकि दोनों नेताओं की रिहाई को रोका जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की ओर से उन्हें जेल में रखने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं, जबकि उन्हें हिरासत में बनाए रखने का कोई कानूनी आधार नहीं है।
अभिजीत दिपके ने कहा, “प्रशासन जानबूझकर आशु और सौरव की अवैध गिरफ्तारी को लंबा खींच रहा है। वे अदालती कार्यवाही में देरी करने और उनकी रिहाई रोकने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, "उन्हें जेल में रखने का कोई कानूनी आधार नहीं है, इसलिए वे उन्हें वहां रोके रखने के लिए देरी करने की चालें चल रहे हैं।"
जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के बाद गिरफ्तार हुए थे दोनों CJP नेता
आशुतोष रांका और सौरव दास को 13 अक्टूबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। यह कार्रवाई उस घटना के बाद हुई, जब दोनों नेता अन्य CJP कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे।
प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर में प्रवेश करने के लिए एक बंद गेट पर चढ़ गए थे। उस समय जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित रखने की व्यवस्था पहले ही समाप्त की जा चुकी थी। इसके बावजूद, दोनों नेताओं ने अन्य कार्यकर्ताओं के साथ वहां तिरंगा फहराया।
इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और एहतियातन गिरफ्तार कर लिया। बाद में एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
रविवार को उनकी हिरासत का छठा दिन था। इसी दौरान उनकी जमानत और रिहाई से जुड़ी कार्यवाही में देरी को लेकर CJP नेताओं ने प्रशासन पर सवाल उठाए।
SEM ने धमकी और मानसिक उत्पीड़न का किया जिक्र
रविवार को दोनों नेताओं की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने धमकियों और मानसिक उत्पीड़न का हवाला दिया। इन परिस्थितियों के कारण दोनों नेताओं की रिहाई से जुड़ा मामला सुलझ नहीं सका।
इस घटनाक्रम के बाद सोमवार को दोनों नेताओं को एक नए विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की जानकारी सामने आई। रत्ना सिंह ने उम्मीद जताई कि नई सुनवाई में कार्यवाही समय पर पूरी होगी और दोनों नेताओं की रिहाई से जुड़े मामले में आगे कोई बाधा नहीं आएगी।
दिल्ली पुलिस ने SEM की शिकायत पर दर्ज की FIR
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की है। दूसरी ओर, पुलिस ने कार्यवाही में जानबूझकर देरी किए जाने के आरोपों को खारिज किया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है। इस तरह, जहां CJP नेता प्रशासन पर दोनों नेताओं की रिहाई में बाधा डालने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं पुलिस ने प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता से इनकार किया है।
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