
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 2017 के बाद प्रदेश में जो बदलाव दिखाई दे रहा है, उसके पीछे एक साफ सोच और योजनाबद्ध काम है। सरकार ने विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5T विजन—ट्रेडिशन, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन को आधार बनाकर काम किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक जब परंपरा, तकनीक, पारदर्शिता और भरोसा एक साथ आते हैं, तभी असली बदलाव दिखाई देता है। यही मॉडल आज उत्तर प्रदेश में लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया और पिंक रोजगार महाकुंभ-2026 की शुरुआत भी की। कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी प्रदर्शनी और श्रम विभाग की लघु फिल्म भी दिखाई गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज को आगे बढ़ना है तो महिलाओं को साथ लेकर चलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान शुरू हुए, जिनसे महिलाओं के सशक्तिकरण को नई दिशा मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में संसद और विधानसभा में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और 33 प्रतिशत सीटों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व दिखाई देगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सबसे जरूरी है। सुरक्षा मिलने पर आत्मविश्वास बढ़ता है और यही आत्मविश्वास आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है, जिसका अगला चरण नवरात्रि के समय शुरू किया जाएगा।
सरकार ने बेटियों की पढ़ाई और भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं लागू की हैं। इनमें सबसे अहम है मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना। इस योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए सरकार करीब 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देती है। अभी तक प्रदेश की करीब 27 लाख बेटियां इस योजना का लाभ ले रही हैं। इसी तरह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जरिए सरकार गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में आर्थिक मदद कर रही है। अब तक चार लाख से अधिक बेटियों की शादी इस योजना के तहत कराई जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जल्द ही लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना शुरू की जाएगी, जिसके पहले चरण में स्नातक और परास्नातक की मेधावी छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब बेहतर मानदेय और सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्हें स्मार्टफोन दिए गए हैं ताकि वे अपने काम की जानकारी सीधे ऑनलाइन अपलोड कर सकें। सरकार ने उन्हें पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने का भी फैसला किया है। इसी तरह आशा वर्कर और रसोइयों को भी ऐसी ही सुविधाएं देने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में महिला कार्यबल करीब 13 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 36 से 37 प्रतिशत तक पहुंच गया है। आज महिलाएं सिर्फ पढ़ाई ही नहीं कर रही हैं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में काम भी कर रही हैं। कई जगहों पर महिलाएं नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं, जो पहले मुश्किल माना जाता था।
महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस बल में भी महिलाओं की भर्ती बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार 1947 से 2017 तक प्रदेश पुलिस में करीब 10 हजार महिला कर्मी थीं, जबकि 2017 के बाद यह संख्या बढ़कर 44 हजार से ज्यादा हो गई है।
सरकार महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 20 हजार से ज्यादा स्टार्टअप काम कर रहे हैं और इनमें से आधे से अधिक महिलाओं द्वारा संचालित हैं। इसके अलावा सरकार वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) के बाद अब वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन (ODOC) जैसी योजनाओं पर भी काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश 2047 में आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब भारत को विकसित राष्ट्र बनाना हमारा लक्ष्य है। उनका कहना था कि यह लक्ष्य तभी पूरा होगा जब महिलाओं की भागीदारी मजबूत होगी और हर बेटी सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनेगी। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बेटियों की पढ़ाई और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में पूरा सहयोग दें।
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