
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर एक नया और जोरदार अभियान चल रहा है- #CompromisedCongress। बस ट्विटर, फेसबुक या इंस्टाग्राम पर इस हैशटैग को सर्च करें और आपको कांग्रेस के विभिन्न विवादित फैसलों और समझौतों की लंबी फेहरिस्त दिखाई देगी। पंडित नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी तक के फैसलों को लोगों के सामने लाया जा रहा है।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल ने हाल ही में लिंकडइन पर एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने कांग्रेस के भ्रामक बयानों और उनके इतिहास को उजागर किया। मंत्री जी के अनुसार, चाहे राहुल गांधी कितनी भी कोशिश करें, भारत की जनता उन बड़े फैसलों और समझौतों को कभी भूल नहीं सकती, जिन्होंने कई बार देशहित को प्रभावित किया।
नेहरू से लेकर इंदिरा और राजीव गांधी तक, कांग्रेस के कई निर्णय विवादों में रहे हैं। विदेशी समझौते, आर्थिक नीतियों और राजनीतिक मोर्चों पर हुए फैसलों को आज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनाया जा रहा है।
सोनिया और राहुल गांधी पर भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने कई मामलों में रणनीतिक और आर्थिक फैसलों में विलंब किया या मुद्दों को निजी हितों के हिसाब से संचालित किया। #CompromisedCongress के तहत इन सभी घटनाओं और फैसलों को जनता के सामने लाने की कोशिश की जा रही है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह हैशटैग तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसमें कांग्रेस के पुराने और नए फैसलों की तुलना कर रहे हैं। वीडियो, पोस्ट और मीम्स के जरिए जनता को यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि कांग्रेस पार्टी के इतिहास में बार-बार ऐसे निर्णय हुए हैं जिनसे राष्ट्रहित प्रभावित हुआ।
लोकतंत्र में हर पार्टी की आलोचना होती है, लेकिन #CompromisedCongress का उद्देश्य केवल आलोचना नहीं बल्कि जागरूकता फैलाना है। सवाल उठता है — क्या कांग्रेस पार्टी अपने ऐतिहासिक समझौतों और फैसलों से सबक सीखेगी? क्या भविष्य में देशहित के साथ कोई समझौता दोबारा नहीं होगा?
कांग्रेस के समझौतों और निर्णयों पर यह अभियान जनता को सोचने पर मजबूर कर रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हैशटैग #CompromisedCongress लोगों को कांग्रेस की नीतियों और उनके प्रभावों के बारे में जागरूक कर रहा है। यह ना केवल राजनीतिक बहस को बढ़ावा देता है, बल्कि देशवासियों को सवाल पूछने के लिए प्रेरित करता है-क्या राजनीतिक दल हमेशा देशहित को प्राथमिकता देंगे?
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