Bihar NEET Protest: बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि NEET परीक्षा को लेकर हुए प्रदर्शनों में पुलिस ने कोई ज्यादती नहीं की। सरकार ने कहा कि AK-47 से हवाई फायरिंग जरूर हुई, लेकिन किसी को चोट नहीं आई। वहीं, हिंसा में 157 पुलिसवाले घायल हो गए।
Bihar Government Supreme Court: बिहार में NEET परीक्षा को लेकर हुए छात्र प्रदर्शनों और उससे जुड़ी हिंसा के मामले में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा है। सरकार ने अदालत को बताया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल नहीं किया गया था। सरकार के मुताबिक, हालात को नियंत्रित करने के दौरान एक पुलिसकर्मी ने AK-47 से हवा में गोली चलाई थी, लेकिन इस फायरिंग में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।
बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में पुलिस और प्रशासन के कई कर्मचारी घायल हुए। सरकार के अनुसार, कुल 157 पुलिसकर्मियों और 7 सरकारी कर्मचारियों को चोटें आई हैं। मामले में अब तक 69 FIR दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि हिंसा और प्रदर्शन से जुड़े मामलों में करीब 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए लोगों में 222 छात्र शामिल थे, जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। राज्य सरकार के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान AK-47 से हवा में फायरिंग करने वाले पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है।
सरकार का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य केवल हिंसक प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करना था। वहीं, प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठे सवालों के बीच यह मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने पहुंचा है। अदालत में सरकार के जवाब के बाद अब इस मामले की आगे की सुनवाई में कार्रवाई और पुलिस की भूमिका पर भी नजर रहेगी।
