SSC CGL Exam Cancelled: झारखंड सरकार ने TDPL से जुड़ी JSSC-CGL परीक्षा, परिणाम और चयन प्रक्रिया रद्द करने का फैसला लिया है। फैसले के विरोध में सफल अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया, जबकि भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेताओं ने सरकार द्वारा मांगें स्वीकार किए जाने के बाद आंदोलन खत्म कर दिया।
harkhand JSSC CGL: झारखंड सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। सरकार ने TSR Data Processing Private Limited (TDPL) से जुड़ी सभी गतिविधियों को भी रद्द करने की घोषणा की है। इनमें परीक्षा, जारी परिणाम और अभ्यर्थियों का चयन शामिल है।
फैसले के खिलाफ अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों ने मंगलवार को रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सरकार के फैसले से नाराज थे और उन्होंने परीक्षा रद्द करने का निर्णय वापस लेने की मांग की। अभ्यर्थियों का कहना था कि परीक्षा में अगर गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन पूरी परीक्षा रद्द करने से मेहनत करने वाले उम्मीदवारों का भविष्य अनिश्चित हो गया है।
CBI जांच की मांग पर मंत्री का बयान
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग भी उठाई गई। झारखंड की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधा। उन्होंने इसे ‘जिद’ करार देते हुए दावा किया कि 2015 के बाद से पेपर लीक से जुड़े मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसी ठोस नतीजे देने में सफल नहीं रही है। सरकार का कहना है कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं से बनी सहमति
इसी बीच JSSC-CGL विवाद को लेकर भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेताओं ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया। झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि देवेंद्र नाथ महतो, उम्मे हबीबा और राहुल क्रांति ने स्वेच्छा से भूख हड़ताल समाप्त कर दी। मंत्री के मुताबिक, सरकार ने उनकी सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है।
जूस पिलाकर खत्म कराया अनशन
मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि छात्र नेताओं को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के युवाओं के हित में ऐतिहासिक फैसला किया है। आंदोलन खत्म होने के बाद तीनों छात्र नेताओं का मेडिकल चेकअप भी कराया गया।
आंदोलन खत्म, लेकिन अभ्यर्थियों की चिंता बरकरार
सरकार और छात्र नेताओं के बीच सहमति बनने के बाद भूख हड़ताल समाप्त हो गई है, लेकिन JSSC-CGL अभ्यर्थियों की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। सफल उम्मीदवार परीक्षा रद्द होने के फैसले को अपने भविष्य से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं सरकार का जोर परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय करने और युवाओं के हित में आगे की कार्रवाई पर है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि परीक्षा रद्द होने के बाद आगे की भर्ती प्रक्रिया किस तरह और कितनी जल्दी शुरू की जाएगी।


