
Donald Trump on Iran: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भले ही फिलहाल सीजफायर और समझौते की बातों के बीच कुछ कम होता दिख रहा हो, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान ने साफ कर दिया है कि वॉशिंगटन ने सैन्य विकल्प का दरवाजा अभी बंद नहीं किया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अगर ईरान ने समझौते का सम्मान नहीं किया, तो अमेरिका वह करेगा जो उसे जरूरी लगेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या मिडिल ईस्ट में शांति की कोशिशों के बावजूद जंग का खतरा अभी भी बना हुआ है?
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, 'जब तक वे हमारा सम्मान करेंगे, सब ठीक रहेगा। अगर उन्होंने सम्मान नहीं किया, तो हालात अच्छे नहीं होंगे।' ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते और सीजफायर को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
Trump on Iran: "As long as they respect us, we're gonna be fine. If they don't respect us, things wouldn't be good." pic.twitter.com/S5LimhB1mr
— Aaron Rupar (@atrupar) June 22, 2026
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह ईरान के खिलाफ फिर सैन्य कार्रवाई का जोखिम उठाने को तैयार हैं, तो उनका जवाब बेहद सख्त था। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियार का खतरा किसी भी आर्थिक नुकसान से बड़ा है। ट्रंप के मुताबिक, 'अगर ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में बढ़ता है, तो अमेरिका के लिए यह सबसे बड़ी चिंता होगी।' ट्रंप ने दो टूक कहा, 'अगर वे समझौते का पालन नहीं करते या सही तरीके से व्यवहार नहीं करते, तो मैं वही करूंगा जो मुझे करना होगा।' यानी अमेरिका ने साफ संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर सैन्य विकल्प फिर मेज पर आ सकता है।
बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह भी कहा कि आर्थिक मंदी की आशंका गंभीर हो सकती है, लेकिन परमाणु हथियार उससे कहीं बड़ा खतरा हैं। उनका तर्क था कि यदि किसी देश के पास परमाणु हथियार पहुंच जाते हैं, तो उसके परिणाम वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा दोनों के लिए अधिक विनाशकारी हो सकते हैं। यही कारण है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रहा।
Reporter: Are you willing to risk economic catastrophe and strike Iran again?
Trump: A nuclear weapon supersedes depression. Depression's real bad. Nuclear weapon will cause depression much more quickly.
Reporter: Iran does not abide by the MOU—
Trump: I didn’t say would… pic.twitter.com/r0zyX3L1wI— Acyn (@Acyn) June 22, 2026
हाल के दिनों में कुछ विश्लेषकों ने दावा किया था कि ट्रंप का रुख पहले की तुलना में थोड़ा नरम हुआ है। लेकिन पत्रकारों के सवाल पर ट्रंप ने इस धारणा को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वह युद्ध नहीं चाहते, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अमेरिका अपनी सुरक्षा चिंताओं से समझौता करेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप से इजराइल और लेबनान को लेकर भी सवाल पूछे गए। जब उनसे इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के रुख पर सवाल हुआ, तो ट्रंप ने कहा कि समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने खुद को "प्रॉब्लम सॉल्वर" बताते हुए कहा कि वह मुश्किल हालात को तेजी से सुलझाने में विश्वास रखते हैं।
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