अब ड्रोन बदलेंगे खेती की तस्वीर, किसानों और युवाओं दोनों की बदलेगी किस्मत

Published : Jul 10, 2026, 09:19 AM ISTUpdated : Jul 10, 2026, 11:02 AM IST
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सार

सलाम किसान और AMRUT ड्रोन मिशन की साझेदारी से महाराष्ट्र में 1000 ड्रोन उद्यमी तैयार होंगे, जो 1 लाख किसानों तक आधुनिक ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं पहुंचाएंगे।

मुंबई। देश में खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। ड्रोन-एज़-ए-सर्विस (DaaS) और प्रिसिजन एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म 'सलाम किसान' ने 'AMRUT ड्रोन मिशन' के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य किसानों तक आधुनिक, वैज्ञानिक और किफायती कृषि सेवाएं पहुंचाना है। साथ ही DGCA-प्रमाणित ड्रोन पायलटों के लिए स्थायी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करना भी इस साझेदारी का प्रमुख लक्ष्य है।

पहले चरण में महाराष्ट्र में 1,000 कृषि ड्रोन उद्यमी तैयार किए जाएंगे। ये उद्यमी राज्य के 1 लाख से अधिक किसानों तक ड्रोन आधारित प्रिसिजन एग्रीकल्चर सेवाएं पहुंचाएंगे। माना जा रहा है कि यह मॉडल भविष्य में देशभर में तकनीक आधारित खेती और ग्रामीण ड्रोन उद्यमिता को नई दिशा दे सकता है।

किसानों तक पहुंचेगी आधुनिक और किफायती ड्रोन कृषि सेवा

देश में लंबे समय से उर्वरकों और कीटनाशकों का असंतुलित उपयोग खेती के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है, फसल उत्पादन पर असर पड़ता है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा पारंपरिक तरीके से दवा छिड़काव करने वाले किसानों और खेतिहर मजदूरों का सीधे रसायनों के संपर्क में आने से स्वास्थ्य संबंधी खतरा भी बढ़ जाता है।

ऐसे में ड्रोन आधारित प्रिसिजन एग्रीकल्चर किसानों के लिए एक प्रभावी समाधान बनकर सामने आ रहा है। इस तकनीक की मदद से सही समय पर, सही मात्रा में और वैज्ञानिक तरीके से उर्वरक तथा कीटनाशकों का उपयोग किया जा सकता है। इससे खेती की लागत घटती है, संसाधनों की बचत होती है और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी कम हो जाते हैं।

DGCA प्रमाणित ड्रोन पायलटों को मिलेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म

AMRUT ड्रोन मिशन देशभर में DGCA-प्रमाणित ड्रोन पायलट तैयार करने का कार्य कर रहा है। इसके तहत युवाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा 'AMRUT ब्याज परवथा योजना' के माध्यम से ड्रोन खरीदने पर दो वर्षों तक ब्याज में राहत भी उपलब्ध कराई जाती है।

नई साझेदारी के तहत AMRUT मिशन से प्रशिक्षित और अपने प्रमाणित ड्रोन रखने वाले पायलटों को सलाम किसान के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इसके बाद किसान व्हाट्सएप, मोबाइल ऐप या फोन कॉल के माध्यम से आसानी से ड्रोन स्प्रे सेवा बुक कर सकेंगे।

साथ ही ड्रोन ऑपरेटरों को फसल आधारित मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP), मौसम आधारित सलाह, सैटेलाइट डेटा और डिजिटल सर्विस मैनेजमेंट जैसी आधुनिक तकनीकी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

ड्रोन एग्रीकल्चर साझेदारी के प्रमुख उद्देश्य

इस साझेदारी का उद्देश्य किसानों और ड्रोन उद्यमियों दोनों को लाभ पहुंचाना है। इसके तहत प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों के लिए नियमित रोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे। किसानों तक समय पर सुरक्षित और किफायती ड्रोन सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग को बढ़ावा देकर खेती की लागत और पानी की खपत कम करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही देशभर में कृषि ड्रोन और प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों की उपलब्धता बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन देने पर भी जोर रहेगा।

महाराष्ट्र में तैयार होगा 1,000 कृषि ड्रोन उद्यमियों का नेटवर्क

AMRUT ड्रोन मिशन ने अगले एक वर्ष में महाराष्ट्र में 1,000 कृषि ड्रोन उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा है। ये सभी मिलकर 1 लाख से अधिक किसानों तक प्रिसिजन एग्रीकल्चर सेवाएं पहुंचाएंगे। इस पहल का मकसद केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि ड्रोन तकनीक के जरिए खेती की उत्पादकता बढ़ाना, किसानों की आय में सुधार करना और खेती को अधिक वैज्ञानिक एवं आधुनिक बनाना भी है।

'ड्रोन स्प्रे से कहीं आगे है प्रिसिजन एग्रीकल्चर' : धनश्री मंधानी

सलाम किसान की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) धनश्री मंधानी ने कहा कि प्रिसिजन एग्रीकल्चर का भविष्य केवल ड्रोन स्प्रे तक सीमित नहीं है। इसका सबसे बड़ा लाभ फसलों में शुरुआती स्तर पर समस्याओं की पहचान, कृषि इनपुट का संतुलित उपयोग और किसानों को डेटा आधारित सलाह देने में है।

उन्होंने कहा कि इस तकनीक से किसानों की लागत कम होगी, उत्पादन बढ़ेगा और उनकी आय में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी। उनके अनुसार यह साझेदारी केवल ड्रोन सेवाओं का विस्तार नहीं है, बल्कि प्रशिक्षित ड्रोन उद्यमियों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रिसिजन एग्रीकल्चर को एक साथ जोड़ने वाला एकीकृत मॉडल है, जो किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि इससे भारत में कृषि के डिजिटलीकरण और ग्रामीण तकनीकी उद्यमिता को नई गति मिलेगी।

सलाम किसान और AMRUT ड्रोन मिशन क्या हैं?

AMRUT ड्रोन मिशन एक कौशल विकास और आजीविका कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य युवाओं को DGCA-प्रमाणित ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित कर कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। मिशन के तहत ड्रोन खरीदने के लिए वित्तीय सहायता भी दी जाती है।

वहीं, सलाम किसान एक ड्रोन-एज़-ए-सर्विस (DaaS) और प्रिसिजन एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म है, जो किसानों को ड्रोन आधारित कृषि सेवाओं से जोड़ता है। महाराष्ट्र में यह प्लेटफॉर्म अब तक 5.5 लाख से अधिक किसानों तक अपनी सेवाएं पहुंचा चुका है। इसके अलावा 31 से अधिक फसलों के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं विकसित की जा चुकी हैं और 2.5 लाख से अधिक ड्रोन स्प्रे ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं।

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