Builder Fraud: 'घर मिलने तक EMI हम भरेंगे', दिल्ली-NCR के 2 बिल्डरों की स्कीम में बड़ा धोखा, ED का शिकंजा

Bimla Kumari   | CMS
Published : Aug 14, 2026, 12:12 PM IST
Delhi NCR Builders

सार

Delhi NCR Builders: दिल्ली-NCR के दो बड़े बिल्डरों पर ED ने शिकंजा कसा है। इन पर आरोप है कि इन्होंने 'जब तक पजेशन नहीं, तब तक EMI नहीं' जैसी आकर्षक स्कीम की आड़ में हजारों घर खरीदारों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। ED से पहले CBI भी इस मामले में FIR दर्ज कर चुकी है।

ED Raids Builders: दिल्ली-NCR में घर खरीदने वालों से जुड़ी कथित धोखाधड़ी के मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने ‘No EMI Till Possession’ के नाम पर होम बायर्स को राहत देने का दावा करने वाली योजनाओं से जुड़े बिल्डरों के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है।

ED की यह कार्रवाई दो अलग-अलग बिल्डर-बैंक नेक्सस मामलों में चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घर खरीदारों के नाम पर लिए गए बैंक लोन का पैसा कहां और किस तरह इस्तेमाल किया गया।

No EMI Till Possession: क्या है यह स्कीम?

‘No EMI Till Possession’ को आमतौर पर Subvention Scheme के नाम से भी जाना जाता है। इस तरह की योजनाओं में होम बायर्स को बताया जाता है कि फ्लैट का कब्जा मिलने तक उन्हें होम लोन की EMI नहीं चुकानी होगी।

इसी भरोसे पर कई खरीदारों ने बैंक से होम लोन लेकर संबंधित प्रोजेक्ट में फ्लैट या अपार्टमेंट बुक किए। आरोप है कि कई मामलों में वर्षों बीत जाने के बाद भी खरीदारों को उनके घर का कब्जा नहीं मिला।

दूसरी ओर, खरीदारों के नाम पर लिए गए बैंक लोन और उससे जुड़ी देनदारियां बनी रहीं। ऐसे में कई लोगों के सामने घर न मिलने के साथ-साथ लोन का आर्थिक बोझ भी खड़ा हो गया।

CBI FIR के बाद ED ने शुरू की जांच

  • इस मामले में ED ने सीधे तौर पर जांच शुरू नहीं की। एजेंसी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच CBI की दो FIR के आधार पर शुरू हुई।
  • ED के मुताबिक, उसके दिल्ली जोनल ऑफिस-I ने दोनों मामलों में ECIR दर्ज की थी। ये ECIR CBI की ओर से दर्ज की गई दो FIR के आधार पर दर्ज हुईं।
  • CBI ने 28 जुलाई 2025 को दोनों शिकायतें दर्ज की थीं। ये FIR सुप्रीम कोर्ट के 29 अप्रैल 2025 के आदेश के अनुपालन में दर्ज की गई थीं।

सालों बाद भी नहीं मिला फ्लैट

जांच का सबसे अहम पहलू उन होम बायर्स से जुड़ा है, जिन्होंने बिल्डरों के वादों पर भरोसा करके अपनी जमा पूंजी लगाई और बैंक से होम लोन लिया।

खरीदारों को कथित तौर पर बताया गया था कि प्रोजेक्ट का पजेशन मिलने तक EMI का भुगतान बिल्डर की ओर से किया जाएगा या सबवेंशन स्कीम के जरिए इसकी व्यवस्था होगी।

लेकिन आरोप है कि कई प्रोजेक्ट्स में समय पर निर्माण पूरा नहीं हुआ और खरीदारों को तय समय पर फ्लैट का कब्जा नहीं मिल सका। इसके बावजूद उनके नाम पर लिए गए लोन की देनदारी बनी रही।

Builder-Bank Nexus भी ED के रडार पर

ED की जांच केवल बिल्डरों के ठिकानों तक सीमित नहीं है। एजेंसी कथित बिल्डर-बैंक नेक्सस की भूमिका की भी जांच कर रही है।

जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि-

  • होम बायर्स के नाम पर कितनी लोन राशि मंजूर और जारी हुई।
  • लोन से मिली रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया।
  • पैसा किन बैंक खातों में ट्रांसफर हुआ।
  • क्या रकम दूसरी कंपनियों या प्रॉपर्टी में डायवर्ट की गई।
  • बिल्डर और संबंधित संस्थाओं के बीच पैसों का लेनदेन कैसे हुआ।

होम बायर्स के लिए क्यों अहम है यह कार्रवाई?

‘No EMI Till Possession’ जैसी योजनाओं में घर खरीदारों को शुरुआत में आर्थिक राहत का भरोसा दिया जाता है। लेकिन अगर प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं होता, तो खरीदार लंबे समय तक घर और लोन दोनों की समस्या में फंस सकते हैं।

ED की मौजूदा जांच का फोकस इसी पूरे वित्तीय नेटवर्क और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ियों को खंगालने पर है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट हो सकता है कि होम बायर्स के नाम पर जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और इस पूरे मामले में किन लोगों या संस्थाओं की भूमिका रही।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Chamoli Tragedy: 'तूफान के जैसा पानी आया, हम कुछ नहीं कर पाए', टनल में दफन हो गए 7 मजदूर
BCI चेयरमैन से जवाब की मांग | वकीलों के विरोध की चेतावनी