Greater Noida Bus Fire : बुधवार देर रात ग्रेटर नोएडा के जेवर इलाके में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक यात्री बस में आग लगने से 9 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई है। यह अग्निकांड कितना भयानक था, कैसे जिंदा लोग कंकाल बन गए…सुनिए बस में सवार यात्रियों की आपबीती।

ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) [इंडिया], 24 सितंबर (एएनआई): बुधवार देर रात यमुना एक्सप्रेसवे पर एक यात्री बस में अचानक भीषण आग लग गई। जेवर पुलिस के मुताबिक, इस खौफनाक हादसे में एक महिला और आठ पुरुषों समेत कुल 9 लोगों की जान चली गई।
यह बस दिल्ली से आ रही थी। ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर पहुंचते ही बस आग का गोला बन गई। खचाखच भरी इस बस से जो यात्री किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकल पाए, उन्होंने अंदर का खौफनाक मंजर बयां किया।

बस में सवार 9 लोगों की आपबीती

  • एएनआई से बात करते हुए चश्मदीदों ने बताया कि कैसे बस के अंदर अफरातफरी मच गई थी। दम घोंटने वाला धुआं भर गया था और भगदड़ जैसे हालात बन गए थे। जब आग लगी, तब ज्यादातर यात्री गहरी नींद में सो रहे थे।
  • दूसरे यात्री ने बताया, "मैं सो रहा था, तभी किसी ने मुझे जगाया और बताया कि बस में आग लग गई है। हम सब बाहर निकलने के लिए भागने लगे। वहां से निकलना बिल्कुल आसान नहीं था, क्योंकि धुआं बहुत ज्यादा था। हम घबराहट में किसी तरह बाहर निकल पाए। बस यात्रियों से पूरी तरह भरी हुई थी।"
  • तीसरी एक अन्य महिला यात्री ने बताया कि दरवाजे पर हो रही तेज खटखटाहट और भारी भीड़ के शोर से उनकी नींद खुली। उन्होंने एएनआई को बताया, "मैं सो रही थी, तभी किसी ने दरवाजा पीटा। जब मैं उठी, तो वहां पहले से ही भारी भीड़ जमा थी। मैंने अपना कोई सामान नहीं उठाया, यहां तक कि जूते भी नहीं पहने। बस अपना फोन पकड़ा और बाहर की तरफ भागी। वहां इतनी भीड़ थी कि लोग एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे। मुझे भी धक्के लगे, फिर किसी ने मुझे खींचकर बाहर निकाल लिया। उसके बाद मुझे कुछ याद नहीं है।"
  • चौथे यात्री ने बताया कि मैंने पहली बार इतनी भयानक आग का हादसा इतने करीब से देखा। कैसे कुछ ही सेकंड में जहरीले धुएं ने लोगों को अंधा कर दिया था और बाहर निकलने का बिल्कुल वक्त नहीं मिला। उन्होंने आगे कहा, "अंदर पूरी तरह धुआं भर चुका था। हालात बेकाबू थे और बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो रहा था। धुएं की वजह से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था, लोगों का दम घुट रहा था।
  • पांचवे यात्री ने बताया कि यह हादसा इतना भयानक है कि शायद इसमें बहुत कम लोग ही बच पाए, सिर्फ वही जो धक्के खाते हुए किसी तरह बाहर निकल सके। कई लोगों की जान चली गई। मेरे पीछे भी कई लोग थे जो शायद बाहर नहीं निकल पाए, क्योंकि मैं खुद काफी देर से बाहर आ पाई थी।"
    मामले में और जानकारी का इंतजार है।
  • वहीं दिल्ली के रहने वाले प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मेरी सास ऊषा देवी दिल्ली से राठ जा रहीं थीं। रात 10 बजे जब मेरी उनसे फोन बात हुई तो वह ठीक थीं, लेकिन 11 बजे के बाद जब टीवी पर मैंने न्यूज में देखा की उस बस में आग लग गई है। किसी तरह मैं भागा भागा मौके पर पहुंचा, लेकिन वह घायल हालत में अस्पताल पहुंच गईं। मैंने की अस्पतालों में तलाश की लेकिन, वह नहीं मिलीं। अब पुलिस का फोन आया है कि मॉर्च्युरी में जाकर शव की पहचान कर लीजिए।
  • अग्निकांड में घायल हुईं रेखा भारद्वाज ने बताया कि मैं अपने पति के साथ बस में थी, मैं सो रही थी, लेकिन चीख पुकार से मेरी नींद खुली तो चारों तरफ आग ही आग थी। मैं भागने लगी तो नीचे गिर गई, कई लोग मेरे ऊपर से भागते हुए बाहर निकल गए। मैं कैसे अंदर से बाहर आई यह मुझे पता नहीं। मैं तो किसी तरह बच गई। लेकिन मेरे पति नहीं मिले हैं, शायद उनकी मौत हो गई।
  • वहीं आग लगते ही सबसे पहले पहुंचे जेवर इलाके के एडीएम अजीत कुमार सिंह ने बताया- बस में लगी आग बहुत ही भयानक थी, शुरूआती जांच में लगता है कि यह आग शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद विशेष वाहन से महोबा भेज दिया गया है।
  • जेवर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर कराने वाले एक शख्स ने बताया कि बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। कुछ यात्रियों को ड्राइवर के केबिन से जलने की बदबू आई, तो उन्होंने तुरंत ड्राइवर और कंडक्टर को इसकी जानकारी दी। एफआईआर में आरोप है कि दोनों ने बस रोकने के बजाय केबिन के अंदर सिगरेट पीना जारी रखा।
  • नोएडा के चीफ फायर ऑफिसर (CFO) प्रदीप कुमार ने एएनआई (ANI) को बताया कि सूचना मिलते ही दमकल की चार गाड़ियां और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने 20-25 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दम घुटने और झुलसने की वजह से 9 लोगों की मौत हुई है। मामला दर्ज कर लिया गया है और ड्राइवर-कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की जांच चल रही है।”