गोबर से पैसा कमाने का सुनहरा मौका! सरकार खुद खरीदेगी गैस, 10 साल तक रहेगा तय दाम

Published : Aug 07, 2026, 03:51 PM IST
GOBARdhan Scheme 2026 How Cow Dung and Organic Waste Can Generate Income Clean Energy and Rural Jobs

सार

GOBARdhan Scheme 2026: केंद्र सरकार ने 23,731 करोड़ रुपये की गोबरधन योजना को मंजूरी दी है। जानिए गोबर और जैविक कचरे से CBG गैस, जैविक खाद और कमाई कैसे होगी, सरकार कितनी सब्सिडी देगी, 10 साल तक तय दाम और गांवों के लिए क्या हैं बड़े फायदे।

अब गोबर सिर्फ खेतों की खाद या चूल्हे का ईंधन भर नहीं रहेगा। केंद्र सरकार ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ते हुए बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 23,731 करोड़ रुपये की गोबरधन (GOBARdhan) योजना को मंजूरी दी है। सरकार का लक्ष्य जैविक कचरे और गोबर से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) बनाकर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना, ग्रामीण आय में इजाफा करना और आयातित प्राकृतिक गैस पर निर्भरता कम करना है।

गोबर से बनेगी गैस, खाद और नए रोजगार

योजना के तहत गांवों में गोबर और कृषि अवशेष जैसे पराली को एकत्र करने के लिए कलेक्शन सेंटर या "गोबर बैंक" विकसित किए जाएंगे। इस जैविक कचरे को विशेष बायोगैस प्लांट में एनेरोबिक डाइजेशन (Anaerobic Digestion) प्रक्रिया से गुजारा जाएगा, जिससे कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) तैयार होगी।

गैस उत्पादन के बाद बचा हुआ अवशेष उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा इसी कच्चे माल से "गोकास्ट" जैसे उत्पाद भी तैयार किए जा सकते हैं, जो लकड़ी का विकल्प बनकर श्मशान घाटों और उद्योगों में उपयोगी साबित हो रहे हैं। इस मॉडल का उद्देश्य एक ही संसाधन से ऊर्जा, खाद और अतिरिक्त आय के कई स्रोत तैयार करना है।

यह भी पढ़ें: फ्रेंडशिप डे के बाद अब पीएम मोदी ने देशवासियों से की नई अपील, 7 अगस्त को जरूर करें ये काम

सरकार ने क्यों शुरू की यह योजना?

केंद्र सरकार का कहना है कि भारत अपनी जरूरत की लगभग 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस विदेशों से आयात करता है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति में आने वाली चुनौतियों को देखते हुए देश के भीतर स्वच्छ ईंधन उत्पादन बढ़ाना जरूरी हो गया है।

इसी रणनीति के तहत गोबर और जैविक कचरे से CBG उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में नए निवेश व रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

10 साल तक तय रहेगा दाम, सरकार ही खरीदेगी गैस

योजना के तहत CBG उत्पादकों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों के लिए CBG खरीदना अनिवार्य किया है। वर्ष 2026-27 में इन कंपनियों को अपनी कुल गैस का 3 प्रतिशत हिस्सा CBG से लेना होगा, जिसे आने वाले वर्षों में 4 और 5 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा।

सरकार ने CBG का खरीद मूल्य 2,110 रुपये प्रति MMBTU तय किया है, जो 10 वर्षों तक लागू रहेगा। इसके अलावा CBG प्लांट लगाने के लिए क्षमता के अनुसार प्रति टन प्रतिदिन 2 करोड़ रुपये तक की पूंजीगत सहायता देने का प्रावधान किया गया है। पहली बार प्लांट लगाने वाले और महिला उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराने में भी सरकारी सहायता मिलेगी।

सरकार के अनुसार यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी। पशुपालन मंत्रालय की 2019 की पशुधन गणना के अनुसार देश में 30 करोड़ से अधिक मवेशी हैं। ऐसे में गोबर और जैविक कचरे का वैज्ञानिक उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वच्छ ऊर्जा और जैविक खेती को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

यह भी पढ़ें: EMI नहीं भरी तो आपका मोबाइल हो सकता है लॉक! RBI ने लागू किए नए नियम!

FAQs

Q1. गोबरधन योजना (GOBARdhan Scheme) क्या है?

Ans: यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसके तहत गोबर और जैविक कचरे से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG), जैविक खाद और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार कर स्वच्छ ऊर्जा तथा ग्रामीण आय बढ़ाने का लक्ष्य है।

Q2. गोबरधन योजना में सरकार क्या सहायता दे रही है?

Ans: सरकार CBG प्लांट लगाने के लिए क्षमता के अनुसार प्रति टन प्रतिदिन 2 करोड़ रुपये तक की पूंजीगत सहायता, गैस पाइपलाइन कनेक्टिविटी, ऋण सुविधा और तय खरीद मूल्य जैसी मदद उपलब्ध करा रही है।

Q3. इस योजना से किसानों और पशुपालकों को क्या फायदा होगा?

Ans: किसान और पशुपालक गोबर एवं जैविक कचरा बेचकर आय अर्जित कर सकेंगे। वहीं CBG उत्पादन के बाद बची जैविक खाद की बिक्री से अतिरिक्त कमाई होगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता भी कम हो सकती है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

EMI नहीं भरी तो आपका मोबाइल हो सकता है लॉक! RBI ने लागू किए नए नियम!
Atiq Ahmad के पास खोदी गई अबान की कब्र, शव पहुंचने पर ऐसा दिखा माहौल!