France Student Protests 2026: फ्रांस में स्कूलों की बदहाली और शिक्षकों की कमी के खिलाफ छात्र आंदोलन तेज हो गया है। 5 हजार से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया।
फ्रांस में स्कूल की टूटी दीवारों, शिक्षकों की कमी और भीड़भाड़ वाली कक्षाओं से शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब देशव्यापी राजनीतिक संकट का रूप ले चुका है। सितंबर में पेरिस के आसपास शुरू हुआ विरोध 6 अक्टूबर तक सैकड़ों स्कूलों और कई शहरों तक फैल गया। पुलिस से झड़प, गिरफ्तारियों और बजट कटौती के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने विवाद को और बड़ा कर दिया है।
5 हजार से ज्यादा गिरफ्तारियां, सैकड़ों घायल
फ्रांस के न्याय मंत्रालय के अनुसार, हिंसा से जुड़े मामलों में 5,060 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 87 फीसदी नाबालिग हैं। 1,800 से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई आगे बढ़ी है। सरकार के मुताबिक झड़पों में 215 छात्र और 715 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। छात्रों का मुख्य गुस्सा शिक्षकों की कमी, जर्जर स्कूलों, बड़ी कक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था में असमानता को लेकर है। कई जगह स्कूलों की नाकेबंदी और पुलिस के साथ झड़पों ने आंदोलन को हिंसक बना दिया।
10 अरब यूरो की मांग, बजट बना बड़ा मुद्दा
छात्र और शिक्षक संगठन स्कूलों के पुनर्निर्माण, ज्यादा शिक्षकों और छोटी कक्षाओं की मांग कर रहे हैं। इसी बीच सरकार का 2027 का बजट भी विवाद का केंद्र बन गया है। आंदोलन अब सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सार्वजनिक खर्च और सरकार की मितव्ययिता नीतियों के खिलाफ व्यापक असंतोष से जुड़ता दिख रहा है। सरकार ने छात्रों की मांगों पर बातचीत और स्कूलों की मरम्मत से जुड़े प्रस्ताव तैयार करने का भरोसा दिया है।
ट्रंप ने शिक्षा से जोड़ दिया इस्लाम का मुद्दा
इसी उथल-पुथल के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक्स पर फ्रांस की स्थिति को अनियंत्रित बड़े पैमाने के प्रवासन और इस्लाम से जोड़ते हुए दावा किया कि यह देश पर कब्जे की कोशिश है। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में मौजूदा छात्र आंदोलन की प्रमुख वजहें शिक्षा व्यवस्था, संसाधनों की कमी और बजट को लेकर असंतोष बताई गई हैं। आंदोलन ऐसे समय तेज हुआ है जब फ्रांस अगले राष्ट्रपति चुनाव की ओर बढ़ रहा है। इसलिए स्कूलों का संकट अब फ्रांस की राजनीति के लिए भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।


