रात 10 बजे कांपी धरती! हिमाचल में भूकंप के तेज झटकों से घरों से बाहर निकले लोग

Published : Jun 05, 2026, 11:04 PM IST
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सार

5 Magnitude Earthquake Jolts Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में आए भूकंप की तीव्रता कितनी थी और इसका केंद्र कहां था? किन-किन जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए और लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही? क्या भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना मिली है?

Himachal Pradesh Earthquake: शुक्रवार रात हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब अचानक धरती कांपने लगी। रात करीब 10 बजकर 3 मिनट पर आए भूकंप के झटके कांगड़ा, मंडी, चंबा और आसपास के क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5 दर्ज की गई, जिसे मध्यम श्रेणी का भूकंप माना जाता है। झटके इतने तेज थे कि कई लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। कुछ स्थानों पर लोग खुले मैदानों और सड़कों पर एकत्रित हो गए। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

कांगड़ा में ज्यादा चिंता, भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है क्षेत्र

हिमाचल प्रदेश का कांगड़ा जिला भूकंप की दृष्टि से देश के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है। वर्ष 1905 का विनाशकारी कांगड़ा भूकंप आज भी इतिहास के सबसे भीषण भूकंपों में शामिल है। ऐसे में जब भी इस क्षेत्र में तेज झटके महसूस होते हैं, लोगों के मन में स्वाभाविक रूप से भय पैदा हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों बाद इस स्तर का कंपन महसूस किया गया है, जिससे रात के समय दहशत का माहौल बन गया।

 

 

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पंजाब के कई शहरों में भी महसूस हुए झटके

भूकंप का असर केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं रहा। पंजाब के अमृतसर, तरनतारन, जालंधर और आसपास के जिलों में भी लोगों ने धरती हिलने की सूचना दी। कई इलाकों में लोग एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए। हालांकि पंजाब प्रशासन की ओर से भी किसी प्रकार के नुकसान या हताहत होने की सूचना नहीं दी गई है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी क्षेत्र लगातार भूगर्भीय गतिविधियों के प्रभाव में रहता है। भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच लगातार होने वाली टकराहट के कारण हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस होते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप के बाद घबराने के बजाय सुरक्षा नियमों का पालन करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। किसी भी आपदा की स्थिति में स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

फिलहाल राहत की खबर

अब तक मिली जानकारी के अनुसार भूकंप से किसी तरह की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। हालांकि, भूकंप के बाद लोगों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है और कई परिवार देर रात तक अपने घरों के बाहर या खुले स्थानों पर मौजूद रहे।

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