Indian Oil Tanker Attack: IRGC एक्शन से हड़कंप! भारत का विरोध, तेहरान का दावा-सब ठीक है, सच क्या है? Watch

Published : Apr 19, 2026, 08:32 AM IST

होर्मुज़ स्ट्रेट में भारतीय तेल टैंकरों पर गोलीबारी के बाद भारत-ईरान तनाव बढ़ा, भारत ने विरोध जताया। तेहरान ने रिश्ते “मज़बूत” बताए, लेकिन IRGC की कार्रवाई से समुद्री सुरक्षा, तेल आपूर्ति और वैश्विक शिपिंग संकट गहराया।

PREV
16

Indian Oil Tanker Attack: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ( Strait of Hormuz) में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की ओर से एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसने कूटनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। भारत का झंडा लगे दो तेल टैंकरों पर गोलीबारी की घटना के कुछ ही घंटों बाद तेहरान के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि भारत और ईरान के रिश्ते “बहुत मज़बूत” हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक मार्गों पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।

26

गोलीबारी से बढ़ी चिंता, भारत का सख्त रुख

घटना के बाद भारत सरकार ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया। विदेश मंत्रालय, भारत (Ministry of External Affairs India) ने स्पष्ट किया कि व्यापारिक जहाज़ों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस घटना पर “गहरी चिंता” जताई और ईरान से सुरक्षित मार्ग बहाल करने की मांग की।

इलाही ने कहा, "भारत के साथ हमारे रिश्ते बहुत मज़बूत हैं... ईरान और भारत के बीच अच्छे रिश्तों का फ़ायदा भारत को अपना तेल हासिल करने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से अपने टैंकरों को गुज़ारने में मिला है। भारत के प्रधानमंत्री ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के साथ बहुत सफल बातचीत की, और विदेश मंत्री ने भी ईरान के विदेश मंत्री के साथ कई सफल बातचीत की।"

36

टैंकरों पर हमला: क्या था असली संकेत?

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी गनबोट्स ने बिना चेतावनी भारतीय झंडे वाले जहाज़ों के पास पहुंचकर गोलीबारी की। ये टैंकर कच्चा तेल लेकर जा रहे थे और हमले के बाद उन्हें अपना रास्ता बदलना पड़ा। हालांकि किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने वैश्विक व्यापारिक मार्गों की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है।

46

होरमुज़ पर कड़ा नियंत्रण और नया ‘टोल’ विवाद

ईरान ने न केवल जलडमरूमध्य पर निगरानी बढ़ाई है, बल्कि कुछ जहाज़ों पर 2 मिलियन डॉलर तक का टोल लगाने का प्रस्ताव भी रखा है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) ने संकेत दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाज़ों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भारत ने इस प्रस्ताव को लेकर कोई सहमति नहीं जताई है और निर्बाध आवाजाही का समर्थन किया है।

56

रिश्तों की जड़ें और कूटनीतिक संतुलन

इलाही ने अपने बयान में भारत-ईरान संबंधों को 5,000 साल पुराना बताया और सांस्कृतिक व ऐतिहासिक जुड़ाव पर ज़ोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तर पर सफल वार्ताएँ हुई हैं, जिससे सहयोग मजबूत हुआ है।

66

आगे क्या? जांच और रणनीतिक सतर्कता

घटना के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ईरान अपने कदमों को कैसे स्पष्ट करता है और क्या वह भारत के जहाज़ों के लिए सुरक्षित मार्ग फिर से सुनिश्चित करेगा। यह मामला सिर्फ दो देशों के रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा से भी जुड़ा है। एक तरफ कूटनीतिक बयान रिश्तों की मजबूती का दावा कर रहे हैं, वहीं जमीन पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि क्या यह भरोसा व्यवहारिक कदमों में भी बदलता है या सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित रह जाता है।

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Photos on

Recommended Stories