UP Electricity Hike : यूपी में बढ़ती बेचैनी के पीछे क्या है वजह? यूपी में अब किस बात का डर सता रहा है? क्या यूपी में बढ़ने वाली है बिजली? क्या है यूपी सरकार का वो कदम जिससे टेंशन में यूपी वाले लोग?
अयोध्या (उत्तर प्रदेश): यूपी में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। इसी बीच योगी सरकार की तरफ से जारी हुआ एक नोटिफिकेशन से आम जनता की टेंशन बढ़ा दी है। बता दें कि उत्तर प्रदेश में बिजली 10% महंगी हो गई है। इसको लेकर विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर जमकर हमला बोला है।समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने शनिवार को उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) की तरफ से बिजली बिल की बढ़ोतरी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार के लगाए स्मार्ट मीटर बिल को 100% तक बढ़ा सकते हैं. उन्होंने इन मीटरों को हटाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ये मीटर "सब कुछ बर्बाद कर देंगे".

स्मार्ट मीटर बिल 100% तक बढ़ा सकते हैं ?
- अवधेश प्रसाद ने ANI से कहा, "सरकार ने जो स्मार्ट मीटर लगाया है, वह बिल को और बढ़ाएगा. यह सिर्फ 10% नहीं, बल्कि 100% तक बढ़ जाएगा. इससे पहले कि सब कुछ बर्बाद हो जाए, इन स्मार्ट मीटरों को हटा देना चाहिए."
- यह चेतावनी UPPCL के उस नोटिफिकेशन के बाद आई है, जिसमें बढ़ते फ्यूल की कीमतों का हवाला देते हुए 'फ्यूल सरचार्ज' के तहत बिजली बिलों में 10% की बढ़ोतरी की गई है. ये नए बिल जून 2026 के बिलिंग साइकिल से जारी किए जाएंगे।
किन नियमों के तहत यूपी में बढ़ा बिजली बिल?
- रेगुलेटरी अफेयर्स यूनिट (RAU) के चीफ इंजीनियर पंकज सक्सेना ने एक पत्र में बताया कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने 26 मार्च, 2025 की अपनी अधिसूचना के जरिए मल्टी-ईयर टैरिफ (MYT) फ्रेमवर्क के तहत बिजली डिस्ट्रिब्यूशन के लिए नए नियम जारी किए हैं.
- उन्होंने आगे बताया कि इन नियमों के तहत, डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों द्वारा खर्च की गई फ्यूल और बिजली खरीद की लागत में उतार-चढ़ाव का हिसाब रखने के लिए ग्राहकों पर फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) लगाया जाएगा।
- सक्सेना ने कहा, "नियम के मुताबिक, किसी महीने में बिजली खरीद और ट्रांसमिशन पर हुआ कोई भी अतिरिक्त खर्च तीन महीने की देरी के बाद वसूला जाता है. इसका मतलब है कि मार्च 2026 में हुआ अतिरिक्त खर्च जून 2026 में ग्राहकों से वसूला जाएगा."
- उन्होंने यह भी कहा, "मार्च 2026 के लिए, MYT रेगुलेशंस, 2025 के क्लॉज 16(4) के तहत सरचार्ज 10% कैलकुलेट किया गया है. इसलिए यह 10% FPPAS जून 2026 में जारी होने वाले बिजली बिलों में जोड़ा जाएगा और यह सभी कैटेगरी के ग्राहकों पर लागू होगा."
- सक्सेना ने आगे बताया, "इस निर्देश में डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों से कहा गया है कि वे इस सरचार्ज को रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के अनुसार सभी ग्राहकों पर एक समान रूप से लागू करें. पारदर्शिता के लिए एक डिटेल्ड कैलकुलेशन शीट भी दी गई है जिसे ऑफिशियल वेबसाइट पर अपलोड किया जाना है."
- यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ रही हैं. दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे आम लोगों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया है
- ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102 रुपये प्रति लीटर को पार कर गई है, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है.


