
नई दिल्ली / इस्लामाबाद: दशकों पुरानी दुश्मनी, सरहदों पर गहराता तनाव और कूटनीतिक गतिरोध के बीच एक ऐसी सनसनीखेज खबर आई है जिसने भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। उपमहाद्वीप के इतिहास में शायद पहली बार, दोनों मुल्कों की 117 सबसे रसूखदार और नामचीन हस्तियों ने एक सुर में अपनी-अपनी सरकारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ को एक बेहद गोपनीय और रणनीतिक संयुक्त पत्र (चिट्ठी) भेजा गया है, जिसमें कड़े शब्दों में कहा गया है-"टकराव का रास्ता छोड़िए, बातचीत शुरू कीजिए!"
इस चिट्ठी के सामने आते ही सबसे बड़ा सस्पेंस इस बात को लेकर था कि आखिर इस संवेदनशील पहल के पीछे कौन से बड़े नाम शामिल हैं। जब हस्ताक्षर करने वालों की सूची सामने आई, तो कूटनीतिक हलकों में सन्नाटा पसर गया। इस संयुक्त मोर्चे में दोनों देशों के पूर्व नौकरशाह, सैन्य अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और कद्दावर राजनेता शामिल हैं।
भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों के नॉर्मलाइजेशन को लेकर भारत की सिविल सोसाइटी की ओर से दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों को पत्र । इस चिट्टी पर पचास लोगों के हस्ताक्षर pic.twitter.com/9nz6yOBFBN
— Alpyu Singh (@AlpyuSingh1) June 30, 2026
भारत-पाकिस्तान संबंध पिछले एक दशक में लगातार उतार-चढ़ाव से गुजरे हैं। यह पत्र ऐसे वक्त में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते पूरी तरह फ्रीज हैं। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लाहौर यात्रा के बाद रिश्तों में सुधार की उम्मीद जगी थी, लेकिन 2016 के पठानकोट आतंकी हमले के बाद व्यापक वार्ता लगभग रुक गई। इसके बाद 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले के बाद पाकिस्तान ने कूटनीतिक रिश्तों और व्यापार को सीमित कर दिया। वहीं हाल के वर्षों में आतंकी घटनाओं और सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के बीच विश्वास की खाई और गहरी कर दी। 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद नागरिकों की आवाजाही, वीजा सेवाएं और हवाई मार्गों पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए, जिससे दोनों देशों के बीच संपर्क लगभग समाप्त हो गया।
#Passionate #Appeal to @CMShehbaz @narendramodi for taking measures to start dialogue and public contacts, bring normalcy @PakinIndia @IndiainPakistan@MIshaqDar50 @DrSJaishankar #Pakistan #India@usembislamabad @ukinpakistan @EUPakistan pic.twitter.com/PeYnu1Q6IM
— Shaukat Piracha (@ShaukatPiracha1) July 1, 2026
इस रहस्यमयी चिट्ठी में दोनों प्रधानमंत्रियों के सामने 11 ऐसी शर्तें या मांगें रखी गई हैं, जो अगर मान ली गईं, तो दशकों पुरानी दुश्मनी एक झटके में इतिहास बन सकती है। कूटनीति के बंद कमरों से निकलीं वे 11 मांगें इस प्रकार हैं:
#WATCH | Delhi: On a letter by over 100 prominent citizens from India, Pakistan to both PMs for 'restoring peace, normalcy, dialogue', RJD MP Manoj Kumar Jha says, "Mahatma Gandhi always believed that we have always maintained that a distinction must be made between the state and… pic.twitter.com/NZ9naT0Mcw
— ANI (@ANI) July 1, 2026
इस पत्र ने एक सबसे बड़ा सस्पेंस यह खड़ा कर दिया है कि क्या पीएम मोदी और शहबाज शरीफ इन 11 मांगों पर विचार करेंगे? हाल के महीनों में लगातार बढ़ी शत्रुता ने आम नागरिकों के हितों और क्षेत्रीय स्थिरता को गहरी चोट पहुंचाई है। जानकारों का मानना है कि यह महज एक चिट्ठी नहीं, बल्कि दोनों देशों के प्रबुद्ध वर्ग का वो बढ़ता दबाव है जो अब सरहदों पर बंदूक के बजाय बातचीत की गूंज सुनना चाहता है। अब देखना यह है कि दिल्ली और इस्लामाबाद के हुक्मरान इस 'शांति पैगाम' का जवाब किस अंदाज में देते हैं!
Srinagar, Jammu and Kashmir: On more than 100 prominent signatories from India and Pakistan writing to PM Modi and Pakistani Prime Minister Shehbaz Sharif, Jammu and Kashmir Apni Party Chief Syed Mohammad Altaf Bukhari says, "This is a positive development, and we endorse their… pic.twitter.com/6nUn6XF92X
— IANS (@ians_india) July 1, 2026
इस खत में उन दुखों को कुरेदा गया है जो दोनों देशों के आम नागरिक पिछले कई सालों से झेल रहे हैं। हस्तियों ने मांग की है कि साल 2012-13 से बंद पड़ी भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज को तुरंत बहाल किया जाए। इसके अलावा, साल 2016 के उरी हमले के बाद से सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान पर लगे कड़े प्रतिबंधों को हटाने की वकालत की गई है। सबसे बड़ी बात, हाल ही में 24 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के लिए अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) पूरी तरह बंद कर दिया था और वीजा सेवाएं निलंबित कर दी थीं। इस पत्र में इन आसमानी पाबंदियों को हटाने और अटारी-वाघा बॉर्डर, दिल्ली-लाहौर बस सेवा तथा ठप पड़े व्यापार को दोबारा शुरू करने की पुरजोर वकालत की गई है।
Delhi: On 100 prominent citizens from India and Pakistan writing a letter to PM Modi and Pakistan PM Shehbaz Sharif seeking an end to continued hostility, Major General (Retd.) Dhruv Katoch says, "Firstly, those who have written the letter, some are from India, some from… pic.twitter.com/GjOcZrfujm
— IANS (@ians_india) July 1, 2026
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह संयुक्त अपील केवल एक प्रतीकात्मक पहल बनकर रह जाएगी या दोनों सरकारें भविष्य में संवाद की दिशा में कोई सकारात्मक संकेत देंगी। दक्षिण एशिया की राजनीति पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यदि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क बढ़ता है, तो यह चिट्ठी उस प्रक्रिया की शुरुआती कड़ी के रूप में भी याद की जा सकती है। फिलहाल सबकी निगाहें नई दिल्ली और इस्लामाबाद की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।
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