Iran vs USA War: आखिर ईरान की कौन सी ‘गुप्त मिसाइल टेक्नोलॉजी’ से गिर रहे अमेरिकी फाइटर जेट?

Published : Apr 04, 2026, 12:46 PM IST

ईरान ने ‘माजिद’ इंफ्रारेड एयर डिफेंस सिस्टम और मोबाइल मिसाइल लॉन्चर के जरिए अमेरिकी F-15E और F-35 जैसे जेट्स को निशाना बनाया। असममित युद्ध रणनीति ने US एयर सुप्रीमेसी के दावों को चुनौती दी है। क्या सच में ईरान ने F-35 और F-15 को चकमा देकर गिराया?

PREV
17

Iran Air Defense System Majid: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच एक बड़ा सवाल तेजी से वायरल हो रहा है-क्या ईरान अब अमेरिका के अत्याधुनिक फाइटर जेट्स को भी गिराने लगा है? पिछले 24 घंटों में सामने आई रिपोर्ट्स ने दुनिया को चौंका दिया है। दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी लड़ाकू विमान और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर ईरानी हमलों का निशाना बने। अगर यह सच है, तो यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पूरी हवाई युद्ध रणनीति के बदलने का संकेत है।

27

आखिर क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक अमेरिकी F-15E जैसे एडवांस्ड फाइटर जेट को निशाना बनाया गया। इसके बाद रेस्क्यू मिशन पर गए ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों पर भी हमला हुआ। साथ ही A-10 वॉरथॉग के क्रैश की खबर भी सामने आई। इन घटनाओं ने उस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें कहा गया था कि ईरान के आसमान पर अमेरिका का “पूर्ण नियंत्रण” है।

37

क्या है ईरान की असली ताकत-Asymmetric Warfare?

ईरान सीधे-सीधे ताकत में अमेरिका का मुकाबला नहीं कर सकता, लेकिन वह “Asymmetric Warfare” यानी असममित युद्ध में माहिर है। इसका मतलब है—सीधे टक्कर की बजाय चौंकाने वाली रणनीति अपनाना। ईरान छोटे लेकिन घातक हथियारों, छिपे हुए सिस्टम और अचानक हमलों के जरिए बड़े दुश्मन को परेशान करता है। यही वजह है कि अमेरिका जैसी ताकत भी कई बार उसकी चालों को पहले से समझ नहीं पाती।

47

‘Majid’ सिस्टम: क्या यही गेम चेंजर है?

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने “Majid Air Defense System” का इस्तेमाल किया हो सकता है। यह सिस्टम खास तौर पर खतरनाक माना जाता है क्योंकि:

  • यह रडार पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इंफ्रारेड (heat detection) से टारगेट पकड़ता है
  • विमान को पता ही नहीं चलता कि उस पर मिसाइल लॉक हो चुकी है
  • 8 किमी तक मार और 6 किमी तक ऊंचाई में हमला कर सकता है
  • एक साथ कई टारगेट ट्रैक करने की क्षमता
  • यही वजह है कि स्टेल्थ फाइटर जेट (जैसे F-35) भी इससे पूरी तरह सुरक्षित नहीं माने जाते।
57

क्या लो-फ्लाइंग जेट्स बन रहे हैं आसान निशाना?

एक बड़ा कारण यह भी हो सकता है कि अमेरिकी विमान कम ऊंचाई पर उड़ रहे थे। लो-एल्टीट्यूड फ्लाइट में जेट्स ऐसे सिस्टम के रेंज में आ जाते हैं, जिससे उन्हें निशाना बनाना आसान हो जाता है।

67

मोबाइल लॉन्चर और ‘Shoot & Scoot’ रणनीति क्या है?

ईरान ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब वह फिक्स्ड (स्थिर) सिस्टम की बजाय मोबाइल मिसाइल लॉन्चर इस्तेमाल कर रहा है। हमले के तुरंत बाद लोकेशन बदल देता है (Shoot & Scoot)। हथियारों को अंडरग्राउंड टनल्स और मिसाइल सिटीज़ में छिपाकर रखता है। इससे दुश्मन के लिए उन्हें ढूंढना और नष्ट करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

77

क्या चीन का HQ-9B सिस्टम भी शामिल है?

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा है कि ईरान चीन के HQ-9B जैसे एडवांस्ड सिस्टम का इस्तेमाल कर सकता है। यह रडार और इंफ्रारेड दोनों तकनीकों से लैस है और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग को भी झेल सकता है।

तो क्या अब अमेरिका का Air Superiority खतरे में है?

इन घटनाओं ने एक बात साफ कर दी है-ईरान का आसमान अब पहले जैसा आसान नहीं रहा। भले ही अमेरिका अब भी सैन्य ताकत में आगे हो, लेकिन ईरान की नई रणनीतियों ने हवाई वर्चस्व को चुनौती जरूर दी है।

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Photos on

Recommended Stories