Vennela Murder Case: बेंगलुरु में 6 वर्षीय वेन्नेला की संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। दो महीने बाद पुलिस ने बच्ची की मां और उसके कथित साथी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। फॉरेंसिक जांच, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पिता की शिकायत के बाद जांच तेज हो गई है।

Bengaluru Vennela Death Case: कभी-कभी किसी बच्चे की मौत सिर्फ एक पारिवारिक त्रासदी नहीं होती, बल्कि ऐसे सवाल छोड़ जाती है जिनके जवाब तलाशने में महीनों लग जाते हैं। बेंगलुरु में छह वर्षीय बच्ची वेन्नेला की मौत का मामला भी कुछ ऐसा ही है। शुरुआत में इसे असामान्य मृत्यु माना गया, लेकिन अब जांच ने ऐसा मोड़ लिया है जिसने पूरे मामले को हत्या की जांच में बदल दिया है।

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करीब दो महीने पहले हुई इस घटना में अब पुलिस ने बच्ची की मां और उसके कथित साथी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई बच्ची के पिता की शिकायत और जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों के आधार पर की गई है।

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क्या है पूरा मामला?

यह मामला बेंगलुरु के कडुगोडी क्षेत्र का है। 25 मार्च को छह वर्षीय वेन्नेला अपने परिवार के साथ रहने वाले एक किराए के विला में मृत पाई गई थी। शुरुआत में पुलिस ने इसे अस्वाभाविक मौत मानते हुए जांच शुरू की थी। उस समय आशंका जताई गई थी कि बच्ची की तबीयत भोजन संबंधी किसी समस्या के कारण बिगड़ी हो सकती है। हालांकि, समय के साथ कई ऐसे सवाल सामने आए जिनसे जांच का रुख बदल गया।

पिता की शिकायत के बाद दर्ज हुआ हत्या का केस

बच्ची के पिता प्रवीण बसप्पा ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत सामान्य नहीं थी। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य परिस्थितियों का अध्ययन करने के बाद उन्हें हत्या की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस से मामले की दोबारा गहन जांच करने की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बच्ची की मां, अधिवक्ता पी. प्रियंका, और उनके कथित साथी मोहन जी. महालिंगप्पा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया।

आरोपी साथी गिरफ्तार, मां की तलाश जारी

जांच के दौरान पुलिस ने मोहन महालिंगप्पा को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत से सात दिनों की पुलिस हिरासत भी प्राप्त की गई है ताकि उससे विस्तृत पूछताछ की जा सके। वहीं, बच्ची की मां प्रियंका फिलहाल फरार बताई जा रही हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।

परिवार में कब शुरू हुआ विवाद?

पिता के अनुसार, उनकी और प्रियंका की शादी को 17 वर्ष हो चुके थे और उनकी दो बेटियां थीं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2025 में एक कानूनी मामले के सिलसिले में बेंगलुरु आने के बाद प्रियंका की मुलाकात अपने पुराने कॉलेज मित्र मोहन से हुई। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वैवाहिक संबंधों में तनाव आ गया। बताया गया है कि बड़ी बेटी पिता के साथ रहने लगी, जबकि छोटी बेटी वेन्नेला मां के साथ रह रही थी।

मौत से पहले क्या हुआ था?

जांच में सामने आए बयानों के अनुसार, प्रियंका ने परिवार को बताया था कि उन्होंने बच्ची को बिरयानी और आइसक्रीम खिलाई थी। इसके बाद कथित तौर पर बच्ची कार में सो गई। दावा किया गया कि एयर कंडीशनर चालू होने के कारण उसे कार में ही सोने दिया गया और बाद में घर लाकर बिस्तर पर सुला दिया गया। अगली सुबह जब बच्ची नहीं जागी, तो उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने बढ़ाया शक

शुरुआती जांच में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी किसी एक निश्चित निष्कर्ष तक नहीं पहुंची। हालांकि, पुलिस को घटना से जुड़े बयानों में कुछ विरोधाभास दिखाई दिए। इसी वजह से विसरा नमूनों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। जांच अधिकारियों का कहना है कि अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट अभी आना बाकी है और उसी के आधार पर मौत के वास्तविक कारण को लेकर अधिक स्पष्टता मिल सकेगी।

डॉक्टर बहन ने भी जताई आशंका

पिता प्रवीण बसप्पा ने दावा किया कि उन्होंने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अपनी बहन को दिखाई, जो यूनाइटेड किंगडम में बाल रोग विशेषज्ञ हैं। उनके अनुसार, रिपोर्ट और परिस्थितियों को देखने के बाद उनकी बहन ने भी मौत को संदिग्ध बताया और संभावित आपराधिक पहलू की ओर ध्यान दिलाया। इसी के बाद उन्होंने पुलिस में विस्तृत शिकायत दर्ज कराई।

किन पहलुओं की जांच कर रही है पुलिस?

पुलिस फिलहाल कई संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि:

  • क्या बच्ची की मौत दम घुटने से हुई?
  • क्या उसे कार में छोड़ने की परिस्थितियां मौत की वजह बनीं?
  • क्या किसी प्रकार का जहर या अन्य पदार्थ इसमें शामिल था?
  • घटना से पहले और बाद के बयानों में अंतर क्यों पाया गया?

पुलिस का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष फॉरेंसिक रिपोर्ट और विशेषज्ञों की राय मिलने के बाद ही निकाला जाएगा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला अभी जांच के चरण में है और सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। मामले में दर्ज आरोपों की जांच की जा रही है और अदालत में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

नोट: मामले की जांच अभी जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत और जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगा।

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