
Jantar Mantar Violence Investigation: जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन और उसके दौरान हुई हिंसा की जांच में दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सैकड़ों GB CCTV फुटेज और फेशियल रिकग्निशन तकनीक की मदद से अब तक 2,873 ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। इनमें से 989 लोगों पर हत्या, हत्या की कोशिश, रेप, लूट, अपहरण, POCSO और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में केस दर्ज होने का दावा किया गया है। हालांकि, यह सभी आंकड़े दिल्ली पुलिस के सूत्रों के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
20 और 22 जुलाई को NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए 'चलो संसद' प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह टकराव हुआ था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े, पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और कई जगह वाहनों में तोड़फोड़ की। अब इन्हीं घटनाओं की जांच के लिए पुलिस लगातार CCTV फुटेज खंगाल रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान करीब 100 CCTV वीडियो क्लिप का विश्लेषण किया गया। इनमें कई ऐसे चेहरे सामने आए, जिनका रिकॉर्ड पहले से पुलिस के पास मौजूद था। फेशियल रिकग्निशन सिस्टम की मदद से अब तक 2,873 लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से बड़ी संख्या ऐसे लोगों की बताई जा रही है जिन पर पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस का दावा है कि इन घटनाओं में करीब 200 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। कई वीडियो में घायल पुलिसकर्मियों को मौके से हटाते हुए भी देखा गया है।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, जिन लोगों की पहचान हुई है उनमें से 989 लोगों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें कई लोग ऐसे भी हैं, जिनके खिलाफ एक से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें शामिल हैं...
जांच में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, हत्या के 101 आरोपियों में से 42 लोगों पर दो या उससे अधिक हत्या के मामले दर्ज हैं। वहीं, 12 आरोपियों के खिलाफ 10 या उससे ज्यादा हत्या के केस दर्ज होने की बात भी पुलिस सूत्रों ने कही है। इसके अलावा रेप के मामलों में नामजद कुछ आरोपियों पर भी एक से अधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ वीडियो में प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संसद और दिल्ली पुलिस के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी रिकॉर्ड हुई हैं। इन क्लिप्स को अलग से सुरक्षित रखा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उनका विश्लेषण किया जा रहा है।
यह प्रदर्शन NEET पेपर लीक विवाद को लेकर किया गया था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। उनके इस्तीफे के बाद प्रदर्शन वापस ले लिया गया। हालांकि, 20 जुलाई को हुए 'चलो संसद' मार्च के बाद देशभर में कई FIR दर्ज की गईं। प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले संगठन ने दावा किया कि सरकार ने इन FIR को वापस लेने पर सहमति जताई है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज, डिजिटल सबूत और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और लोगों की पहचान होने और आगे की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।