96 घंटे, खूंखार हाथी और सिर्फ आधा लीटर पानी: मौत को मात देकर खौफनाक जंगल से मुस्कुराते हुए लौटी केरल की IT प्रोफेशनल

Published : Apr 06, 2026, 12:44 PM IST
Kerala Techie Forest Survival

सार

Kerala Techie Forest Survival: केरल की 36 साल की टेक प्रोफेशनल शरण्या ने कर्नाटक के कोडगु जिले में चार दिन बिना किसी सुविधा के जंगल में गुजार दिए। ट्रेकिंग के दौरान अपने ग्रुप से बिछड़ने के बाद, उन्होंने बिना मोबाइल नेटवर्क और बिना खाने के 96 घंटे खूंखार जंगली जानवरों और भारी बारिश के बीच बिताए। 

Kerala IT professional Survival Story: घना जंगल… लगातार बारिश… आसपास खूंखार हाथियों का खतरा… और हाथ में सिर्फ 500 ml पानी। न मोबाइल नेटवर्क, न आसपास कोई इंसान…हर तरफ सिर्फ खामोशी और डर। ऐसी हालत में सोचिए आप क्या करेंगे। सुनने में ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं? लेकिन केरल की 36 साल की एक टेकी महिला ने इसी खौफनाक मंजर को पूरे 4 दिनों तक न सिर्फ झेला, बल्कि सुरक्षित वापस आकर हर किसी को हैरान दिया है। जब वो मिली, तो उसकी कहानी सुनकर हर कोई सन्न रह गया।

ट्रेक पर गई और अचानक गायब हो गई

केरल की रहने वाली 36 साल की शरण्या (Sharanya) पेशे से IT प्रोफेशनल हैं। 2 अप्रैल को अपने 15 दोस्तों और एक गाइड के साथ कर्नाटक के फेमस तडियांडमोल (Tadiandamol) पीक पर ट्रेकिंग के लिए निकली थीं। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन पहाड़ से नीचे उतरते वक्त एक गलत मोड़ ने सबकुछ बदल दिया। शरण्या रास्ता भटक गईं। जब उनका ग्रुप बेस कैंप पहुंचा, तो शरण्ाय वहां नहीं थीं।

4 दिन तक जंगल में अकेली भटकती रहीं

शरण्या के पास सिर्फ 500 ml पानी की बोतल थी और फोन में भी नेटवर्क नहीं था। पहले दिन उन्होंने एक पानी के सोर्स (छोटी धारा) के पास रात बिताई। इसके बाद अगले तीन दिन वो जंगल में घूमती रहीं, उम्मीद में कि कोई रास्ता मिल जाए या कोई मदद कर दे। उन्होंने एक बार फोन से कॉल करने की कोशिश भी की, लेकिन बैटरी खत्म हो गई। ऐसे में उनके पास सिर्फ एक ही रास्ता था कि बस चलते रहना है।

हाथियों वाला जंगल, फिर भी नहीं डरीं

जिस इलाके में वो फंसी थीं, वहां हाथियों की मौजूदगी आम बात है। ऊपर से बारिश भी हो रही थी, जिससे हालात और मुश्किल हो गए थे। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात ये रही कि शरण्या ने कहा, उन्हें डर ही नहीं लगा। उनके इस बयान ने हर किसी को चौंका दिया। इतनी मुश्किल हालत में भी उनका शांत रहना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

9 टीमों ने चलाया बड़ा सर्च ऑपरेशन

जैसे ही शरण्या के गायब होने की खबर मिली, तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। इसमें पुलिस, फॉरेस्ट टीम, एंटी-नक्सल यूनिट और स्थानीय लोग शामिल हुए। ड्रोन और खास कैमरों की मदद से जंगल के हर हिस्से में तलाश की गई। बेंगलुरु में अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन लगातार 24 घंटे चलाया गया। आखिरकार, चार दिन बाद कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें जंगल के एक दूर इलाके में देखा और सुरक्षित बाहर निकाला। राज्य के अधिकारियों ने इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को बड़ी सफलता बताया। साथ ही शरण्या की हिम्मत और समझदारी की भी जमकर तारीफ हुई।

 

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

3 लाख मुस्लिमों के साथ हो गया खेल, Asaduddin Owaisi ने सामने ला दिया CM Mamata का असली चेहरा
Iran-US Ceasefire Talks: 48 घंटे में फैसला या जंग? 45 दिन के सीजफायर पर अटकी दुनिया की नजर