
जंतर-मंतर और दिल्ली में छात्र प्रदर्शनों को लेकर जारी बहस के बीच पूर्व आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने केंद्र सरकार को एक अलग सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस को सबसे आगे रखने के बजाय पहले सिविल डिफेंस की तैनाती की जानी चाहिए। उनका मानना है कि इससे छात्रों और पुलिस के बीच सीधा टकराव कम होगा और तनावपूर्ण हालात को अधिक शांतिपूर्ण तरीके से संभाला जा सकेगा।
किरण बेदी ने अपने वीडियो संदेश में सीमा सुरक्षा का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह सीमाओं पर सेना से पहले बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) तैनात रहती है, उसी तरह छात्र प्रदर्शनों में भी पुलिस से पहले सिविल डिफेंस के जवानों को मैदान में उतारा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस कर्मियों के पास केवल सुरक्षा उपकरण जैसे केन शील्ड, बॉडी आर्मर और हेलमेट होने चाहिए। उनके पास लाठी या अन्य हथियार नहीं होने चाहिए। इससे प्रदर्शनकारियों के बीच विश्वास बना रहेगा और तनाव बढ़ने की संभावना कम होगी।
Here is a safer option to deal with student rioters.
Governments can examine and consider this option. @AmitShah @PMOIndia @DelhiPolice and others.
Safest way to avert a direct confrontation between the students and the police is to have a trained civil defence as the first…— Kiran Bedi (@thekiranbedi) July 23, 2026
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पूर्व आईपीएस अधिकारी ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए कहा कि पुलिस को केवल तब आगे आना चाहिए, जब जान-माल की सुरक्षा के लिए उसकी मौजूदगी अनिवार्य हो।
उनका कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर सिविल डिफेंस हालात संभाल ले, तो पुलिस और छात्रों के बीच सीधे टकराव से बचा जा सकता है। इससे बाद में होने वाले आरोप-प्रत्यारोप और विवाद भी कम होंगे।
किरण बेदी का यह सुझाव ऐसे समय आया है, जब CJP के नेतृत्व में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप लगाए, जबकि पुलिस ने भी अपने कई जवानों के घायल होने की बात कही है।
इसी पृष्ठभूमि में बेदी ने सिविल डिफेंस आधारित मॉडल का प्रस्ताव रखा है। उनका मानना है कि यह व्यवस्था कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अधिक मानवीय और संतुलित दृष्टिकोण पेश कर सकती है। हालांकि, सरकार इस सुझाव पर कोई कदम उठाएगी या नहीं, इस बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
Former BJP leader and respected Kiran Bedi ji saying something pic.twitter.com/vvODqpNo4K
— Vivek Yadav (@Vivek_28_Yadav) July 23, 2026
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