
रूबी ने आंखों के सामने मां की हत्या होते देखी। आरोपी पारस ने फरसे व तमंचे से धमकाकर मां को मारा और रूबी को खेत से दिल्ली तक ले गया। पुलिस ने सूचना पर दोनों को पकड़ा।
'पापा मैं कितनी अभागी हूं... अपनी मां का चेहरा भी आखिरी बार नहीं देख पाई' यह शब्द कहते हुए वह बेटी रो पड़ती है जिसने अपनी आंखों के सामने अपनी मां का कत्ल होते देखा। हालांकि इसके बाद भी वह काफी समय तक खामोश रही क्योंकि उसे डर था कि कहीं पारस उसके पिता और भाई का भी वही हाल न कर दे। आशा ज्योति केंद्र में अब जब वह परिजन से मिली तो उसने एक-एक आपबीती बताई और पूरी घटना का खुलासा किया। आऱोपी पारस को भी पुलिस ने पकड़ लिया है। मामले में आगे की जांच पड़ताल भी पुलिस के द्वारा की जा रही है। इस पूरे मामले में पुलिस पर राजनीतिक दबाव भी देखा जा रहा था। तमाम दलों के नेता पीड़ित परिवार से मुलाकात के लिए उनके गांव घर पहुंच रहे थे। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने घटना का खुलासा किया है।