13 लोगों के हत्यारे की फांसी LIVE दिखाने से पीछे हटेंगे ट्रंप? विरोध के बाद बदला रुख

Published : Oct 12, 2026, 11:03 PM IST
Donald Trump

सार

Nidal Hasan Execution: अमेरिका में 13 लोगों की हत्या के दोषी निदाल हसन की फांसी LIVE दिखाने की योजना पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोबारा विचार कर रहे हैं। पहले समर्थन, अब विरोध के बीच पीछे हटने के संकेत। क्या अमेरिका में फांसी का पहला लाइव प्रसारण टल जाएगा?

अमेरिका में 13 लोगों की हत्या के दोषी पूर्व आर्मी मेजर निदाल हसन की फांसी अब सिर्फ सजा का मामला नहीं, बल्कि एक बड़ी राजनीतिक और नैतिक बहस बन गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले फांसी का लाइव प्रसारण दिखाने का समर्थन किया था, लेकिन अब उनके रुख में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। सवाल है कि क्या अमेरिका में पहली बार किसी व्यक्ति की फांसी का सीधा प्रसारण देखने को मिलेगा या ट्रंप इस योजना को रोक देंगे?

फांसी LIVE दिखाने के फैसले पर क्यों घिरे ट्रंप?

Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने करीबी लोगों से बातचीत में संकेत दिया है कि 3 दिसंबर को प्रस्तावित फांसी की लाइव स्ट्रीमिंग शायद नहीं हो। इस विचार को लेकर अमेरिकी सांसदों के दोनों दलों और व्हाइट हाउस के भीतर-बाहर मौजूद सलाहकारों ने विरोध जताया है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार को कहा था कि फांसी का प्रसारण किया जा सकता है, ताकि लोग गंभीर अपराधों के परिणाम समझ सकें। हालांकि, इस प्रस्ताव की अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई। ट्रंप ने शुरुआत में इसका समर्थन किया था, लेकिन बाद में कहा कि अंतिम फैसला वही करेंगे।

यह भी पढ़ें: अगर जा रहे हैं चंद्रिका देवी मंदिर, तो रुकिए! रास्ते में लगा बैरियर, बिना दर्शन लौट रहे लोग

ट्रंप के सामने क्या हैं दो विकल्प?

ट्रंप का तर्क रहा है कि ऐसी सजा का सार्वजनिक प्रसारण दूसरे लोगों को गंभीर अपराध करने से रोक सकता है। हालांकि, इस कदम को लेकर नैतिक सवाल भी उठ रहे हैं। आलोचकों की चिंता है कि फांसी का लाइव प्रसारण न्यायिक सजा को सार्वजनिक तमाशे में बदल सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन के एक अधिकारी को भी लगता है कि ट्रंप लाइव प्रसारण की मंजूरी नहीं देंगे। हालांकि, इस बारे में अंतिम निर्णय राष्ट्रपति को ही लेना है।

कौन है निदाल हसन, जिसने फोर्ट हुड में की थी गोलीबारी?

निदाल हसन अमेरिकी सेना का पूर्व मेजर है। 5 नवंबर 2009 को टेक्सास के फोर्ट हुड सैन्य ठिकाने पर उसकी गोलीबारी में 13 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें एक गर्भवती महिला भी शामिल थी। इस हमले में 32 लोग घायल हुए थे। उस समय सैनिक मेडिकल जांच के लिए कतार में खड़े थे।

बाद में अमेरिकी सीनेट की एक रिपोर्ट ने सेना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दों पर सावधानी बरतने के कारण अधिकारियों को हसन के बढ़ते कट्टरपंथी विचारों का समय रहते पता नहीं चल पाया था।

यह भी पढ़ें: दो ओझा आए, 'भूत' की कहानी सुनाई और हो गया कत्ल; मिर्जापुर की इस वारदात से पुलिस भी हैरान!

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

दो ओझा आए, 'भूत' की कहानी सुनाई और हो गया कत्ल; मिर्जापुर की इस वारदात से पुलिस भी हैरान!
CJI सूर्यकांत का इस्तीफा मांग बुरी फंसी कांग्रेस, आखिर क्यों डिलीट करनी पड़ी पोस्ट