
दिल्ली से लेकर देश के कई राज्यों तक रविवार को चुनाव आयोग को लेकर सियासत गरम रही। राहुल गांधी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोपों और आयोग के भीतर कथित मतभेद की रिपोर्ट के बीच BJP ने अपने करीब एक दर्जन मुख्यमंत्रियों को मैदान में उतारा। अलग-अलग राज्यों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर BJP नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली का बचाव किया।
BJP के मुताबिक जिन राज्यों में उसकी या NDA की सरकार नहीं है, वहां प्रदेश अध्यक्ष या विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। नेताओं ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस समेत कई मुख्यमंत्रियों ने राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल उठाए।
आपकी एक-एक बात झूठ है, पूरी तरीके से बेबुनियाद है।
जो गतिविधियां माननीय राहुल गांधी कर रहे हैं या विपक्ष का कोई भी नेता जो कह रहा है, वह देशद्रोह से कम नहीं है। इनके ऊपर देशद्रोह का केस लगना चाहिए - मुख्यमंत्री श्रीमती @gupta_rekha pic.twitter.com/Bkncf8z6Uk— BJP Delhi (@BJP4Delhi) September 27, 2026
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विवाद की शुरुआत The Indian Express की उस रिपोर्ट से हुई जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर लिखित आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में Form 6, वोटर डेटा की पहुंच और मतदाता नाम जोड़ने-हटाने जैसे मुद्दों का जिक्र है।
Election Commission ने आंतरिक मतभेद की बात से इनकार करते हुए कहा कि अलग-अलग राय और सुझाव निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग के अनुसार अंतिम फैसले पूरी कमिशन की सर्वसम्मति से लिए गए और SIR से जुड़े आदेशों को कानूनी प्रक्रिया के तहत मंजूरी मिली।
राहुल गांधी ने इन आपत्तियों को अपने ‘वोट चोरी’ के आरोपों से जोड़ते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या हटाए जाने की मांग की है। कांग्रेस ने सोमवार को देशभर में जिला स्तर पर विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसके लिए 1,000 से अधिक जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों के साथ वर्चुअल बैठक भी की।
चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट के दावों की सच्चाई पहले ही सामने आ चुकी है।
यह भी साफ हो चुका है कि वह असल में डैमेज कंट्रोल की एक हताश कोशिश है, जिसमें सब कुछ छिपाने की कोशिश की गई है और कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है।
इस मुद्दे पर कांग्रेस महासचिव (संचार)… pic.twitter.com/7I6qYM7Dvk— Congress (@INCIndia) September 27, 2026
फिलहाल विवाद का केंद्र SIR, मतदाता सूची में बदलाव और आयोग की आंतरिक निर्णय प्रक्रिया है। BJP का कहना है कि EC ने सवालों का जवाब दे दिया है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि कुछ अहम सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। इस बीच आयोग की प्रक्रिया और आगामी विरोध-प्रदर्शनों पर नजर बनी हुई है।
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