
लंदन: जो यूरोप अपनी कड़ाके की ठंड के लिए जाना जाता है, वो आज इतिहास की सबसे भयानक गर्मी की लहर में झुलस रहा है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने से आम जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। पिछले एक हफ़्ते से जारी इस जानलेवा गर्मी से पूरे यूरोप में 1500 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अकेले फ्रांस में 1300 से ज़्यादा मौतें दर्ज की गई हैं। चिंता की बात यह है कि मौतों का यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने यूरोप की इस गर्मी को 'साइलेंट किलर' यानी 'खामोश हत्यारा' बताया है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस जानलेवा गर्मी के पीछे 'हीट डोम' और 'ओमेगा ब्लॉक' जैसी वायुमंडलीय घटनाएं हैं। इस स्थिति में गर्म हवा एक गुंबद के नीचे फंस जाती है और बाहर नहीं निकल पाती। यह हवा को ऊपर उठने और ठंडा होने से रोकती है, जिससे बादल नहीं बन पाते और गर्मी बेतहाशा बढ़ जाती है। फ्रांस के अलावा जर्मनी, ब्रिटेन, पोलैंड, चेक रिपब्लिक और नीदरलैंड्स में गर्मी से हालात बेहद खराब हैं। वहीं, स्पेन, इटली, ग्रीस और पुर्तगाल जैसे देश जंगलों में लगी आग से जूझ रहे हैं। रोम, वेनिस और मिलान समेत इटली के 18 शहरों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
भीषण गर्मी ने यूरोप के हेल्थकेयर सिस्टम को भी हिलाकर रख दिया है। पेरिस, रोम, वेनिस और मिलान के अस्पतालों के इमरजेंसी वॉर्ड में मरीज़ों की संख्या में एक-तिहाई की बढ़ोतरी हुई है। इस गर्मी का सबसे ज़्यादा शिकार 65 साल से ज़्यादा उम्र के बुज़ुर्ग और केयर होम में रहने वाले लोग हो रहे हैं। यूरोप की बड़ी नदियां, जैसे डेन्यूब और पो, सूखने लगी हैं। शुरुआती दौर में कई मौतें उन लोगों की हुईं जो गर्मी से राहत पाने के लिए नदियों और झीलों में तैरने उतरे थे। हालात बिगड़ने पर फ्रांस में स्कूलों और टूरिस्ट जगहों को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है।
इस شدید गर्मी ने सिर्फ इंसानों को ही नहीं, बल्कि यूरोप के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी घुटनों पर ला दिया है। जर्मनी के मशहूर 'ऑटोबान' हाईवे की कंक्रीट की सड़कें गर्मी से चटक गईं, जिसके बाद उन्हें बंद करना पड़ा। रेलवे ट्रैक मुड़ गए और बड़ी संख्या में ट्रेनें रद्द कर दी गईं। फ्रांस में, भीषण गर्मी के बाद आए तूफान और बिजली गिरने से करीब 36,000 घरों की बिजली गुल हो गई। हंगरी के पाक्स न्यूक्लियर प्लांट और फ्रांस के कुछ न्यूक्लियर प्लांट्स में उत्पादन कम कर दिया गया है, क्योंकि रिएक्टरों को ठंडा करने के लिए इस्तेमाल होने वाले नदी के पानी का तापमान बढ़ गया है।
अधिकारियों ने लोगों को भरपूर पानी पीने, सीधी धूप से बचने और दोपहर के वक्त बहुत ज़रूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी यूरोपीय देशों में गरज के साथ बारिश हो सकती है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। लेकिन अब यह हीटवेव मध्य यूरोप की ओर बढ़ रही है, जो एक नई चिंता का कारण बन गया है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।