भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नए आदेश के तहत, पान मसाला को अब पॉलीथीन और PVC जैसे प्लास्टिक पाउच में नहीं बेचा जा सकेगा। इस नियम से पान मसाला इंडस्ट्री में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

पान मसाला खाने वालों और बेचने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर एक अहम आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद अब पान मसाला प्लास्टिक के पाउच में नहीं बेचा जा सकेगा, जो अब तक इसकी पहचान बन चुके थे।

यह फैसला देश में पान मसाला की बिक्री और पैकेजिंग के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है। FSSAI ने साफ तौर पर उन मटीरियल्स की लिस्ट जारी की है जिनका इस्तेमाल अब पैकिंग के लिए नहीं किया जा सकेगा। इस नियम का सीधा असर पान मसाला बनाने वाली कंपनियों और करोड़ों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

किन-किन प्लास्टिक पर लगी रोक?

FSSAI ने अपने आदेश में साफ किया है कि पान मसाला की पैकिंग के लिए कुछ खास तरह के प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा। इस लिस्ट में पॉलीएथिलीन (Polyethylene) और पॉलीप्रोपिलीन (Polypropylene) जैसे आम प्लास्टिक शामिल हैं। इसके अलावा, पॉलीएस्टर (Polyester) और PVC से बने पाउच में भी पान मसाला पैक करने पर रोक लगा दी गई है।

यही नहीं, किसी भी तरह के अन्य सिंथेटिक पॉलिमर, को-पॉलिमर या लैमिनेट किए गए पाउच के इस्तेमाल को भी गैर-कानूनी बना दिया गया है। आसान भाषा में समझें तो बाजार में मिलने वाले लगभग सभी तरह के चमकीले और प्लास्टिक वाले पाउच इस बैन के दायरे में आ गए हैं। कंपनियों को अब पैकिंग के लिए कोई दूसरा विकल्प तलाशना होगा।

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अब आगे क्या होगा?

FSSAI का यह आदेश पान मसाला बनाने वाली कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती लेकर आया है। उन्हें अब जल्द से जल्द अपनी पैकेजिंग मटीरियल को बदलना होगा। हालांकि, आदेश में यह नहीं बताया गया है कि नई पैकिंग कैसी होगी या किस मटीरियल का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस फैसले का मतलब है कि अब कंपनियों को प्लास्टिक छोड़कर कागज या किसी अन्य पर्यावरण-अनुकूल मटीरियल की तरफ देखना पड़ सकता है। जाहिर है, इस बदलाव का असर प्रोडक्ट की कीमत पर भी पड़ सकता है।

फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनियां इस नियम का पालन कैसे करती हैं और पान मसाला बाजार में किस नए रूप में नजर आता है। एक बात तो तय है कि पान मसाले का पाउच वाला दौर अब खत्म होने जा रहा है।

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