पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बड़े विरोध की तैयारी है। आवामी एक्शन कमेटी ने 14 अगस्त को 'काला दिवस' मनाने का ऐलान किया है, जिसमें पाकिस्तानी सेना पर 100 प्रदर्शनकारियों की हत्या का आरोप लगाया गया है।
पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस यानी 14 अगस्त को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात तनावपूर्ण होने की पूरी आशंका है। आवामी एक्शन कमेटी (AAC) ने इस दिन को 'काला दिवस' के तौर पर मनाने का ऐलान किया है। यह ऐलान पाकिस्तान के जश्न के मौके पर सरकार और सेना के लिए एक सीधी चुनौती माना जा रहा है।
यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब इलाके में पहले से ही पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ गुस्सा है। कमेटी का कहना है कि यह कदम पाकिस्तानी सेना के जुल्मों और लगातार हो रहे मानवाधिकार हनन के खिलाफ उठाया जा रहा है। इस ऐलान को शहबाज शरीफ सरकार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर पर एक बड़े दबाव के तौर पर देखा जा रहा है।
क्यों हो रहा है यह विरोध प्रदर्शन?
आवामी एक्शन कमेटी ने पाकिस्तानी सेना पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। कमेटी के मुताबिक, इलाके में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सेना ने लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की है। इस फायरिंग में अब तक 100 लोगों की जान जा चुकी है।
इन्हीं मौतों के विरोध में 14 अगस्त को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। कमेटी का आरोप है कि पाकिस्तानी हुक्मरान PoK के लोगों के अधिकारों को लगातार कुचल रहे हैं। यह 'काला दिवस' उसी दमन के खिलाफ एक आवाज है।
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'स्वतंत्रता दिवस' बनेगा 'ब्लैक डे'
एक तरफ जहां पूरा पाकिस्तान 14 अगस्त को अपनी आजादी का जश्न मनाएगा, वहीं PoK में इसे मातम के दिन की तरह मनाने की अपील की गई है। आवामी एक्शन कमेटी ने लोगों से इस दिन विरोध जताने को कहा है। जाहिर है, इस दिन PoK में माहौल काफी गर्म रह सकता है।
कमेटी के इस कदम को सरकार के खिलाफ 'ब्लैक बम' फोड़ने जैसा बताया जा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब PoK में पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ आवाज उठी है, लेकिन 100 लोगों की मौत का आरोप मामले को और संगीन बना देता है। इस विरोध प्रदर्शन से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी किरकिरी हो सकती है।
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