Indian students die in Canada: कनाडा में फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान एक दर्दनाक विमान हादसे में तमिलनाडु और पुडुचेरी के दो भारतीय छात्रों की जान चली गई। वैंकूवर में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है।
Indian Students Plane Crash: कनाडा में फ्लाइट ट्रेनिंग ले रहे दो भारतीय छात्रों की एक विमान हादसे में मौत हो गई है। ये दोनों छात्र तमिलनाडु और पुडुचेरी के रहने वाले थे। रविवार (स्थानीय समय) को वैंकूवर स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास (Consulate General of India) ने इस घटना पर गहरा दुख जताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में दूतावास ने लिखा, "वैंकूवर में भारतीय वाणिज्य दूतावास श्री मनोज शिवकुमार और श्री श्रीसरन तिरुज्ञानसंबंथम के दुखद निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। तमिलनाडु और पुडुचेरी के रहने वाले इन दोनों भारतीय छात्रों की कनाडा में फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान एक दर्दनाक विमान हादसे में जान चली गई।"
वैंकूवर में भारतीय वाणिज्य दूतावास श्री मनोज शिवकुमार और श्री श्रीसरन तिरुज्ञानसंबंथम के दुखद निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। तमिलनाडु और पुडुचेरी के रहने वाले इन दोनों भारतीय छात्रों की कनाडा में फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान एक दर्दनाक विमान हादसे में जान चली गई... — इंडिया इन वैंकूवर (@cgivancouver) 20 सितंबर, 2026
दूतावास ने आगे कहा, "इस मुश्किल घड़ी में हमारी संवेदनाएं उनके शोक संतप्त परिवारों और प्रियजनों के साथ हैं। छात्रों के पार्थिव शरीर को भारत वापस भेजने के लिए दूतावास परिवारों को हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। भगवान दिवंगत आत्माओं को शांति दे।"
विदेशों में भारतीयों के लिए सरकार के प्रयास
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारत सरकार विदेशों में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के लिए लगातार काम कर रही है। आपात स्थिति में उन्हें हर तरह की मदद मुहैया कराई जाती है।
30 जुलाई को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया था कि सरकार ने संघर्ष वाले क्षेत्रों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए कई अभियान चलाए हैं। कमर्शियल उड़ानों, ट्रांजिट वीजा, लोकल ट्रांसपोर्ट और सीमा पार आवाजाही के जरिए उनकी वापसी सुनिश्चित की गई है।
सरकार के मुताबिक, भारतीय दूतावास लगातार एडवाइजरी जारी करते हैं। संकट के समय भारतीयों की मदद के लिए 24x7 इमरजेंसी हेल्पलाइन चलाई जाती हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बिठाया जाता है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने हालात पर नजर रखने, प्रभावित भारतीयों और उनके परिवारों के सवालों का जवाब देने और इमरजेंसी मामलों में भारतीय मिशनों के साथ कॉर्डिनेट करने के लिए एक खास 'स्पेशल कंट्रोल रूम' भी बनाया है।
सरकार ने आगे बताया कि वह एक मल्टी-लेयर्ड सिस्टम का इस्तेमाल करती है। इसमें नियमित एडवाइजरी, अतिरिक्त इमरजेंसी हेल्पलाइन, 24x7 कंट्रोल रूम और जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शामिल हैं। जरूरत के हिसाब से सुरक्षित ठिकाना, खाना, ट्रांसपोर्ट और रेस्क्यू उड़ानों जैसी लॉजिस्टिक मदद भी दी जाती है।
विदेश मंत्रालय का 'रैपिड रिस्पॉन्स सेल' रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान संबंधित एजेंसियों, सेना और मंत्रालयों के साथ मिलकर काम करता है। इसके अलावा, मंत्रालय ने ऐसे ऑपरेशनों के लिए एक डिजिटल इमरजेंसी रिस्पॉन्स सॉल्यूशन भी तैयार किया है, जिसका अभी फाइनल ट्रायल चल रहा है।