VIDEO: कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोए अभिजीत दिपके, जंतर-मंतर पर वांगचुक के साथ ये क्या हुआ?

Published : Jul 18, 2026, 12:34 PM IST
sonam wangchuk hunger strike abhijeet dipke jantar mantar delhi police protest high court

सार

जंतर-मंतर पर बीच अनशन फूट-फूटकर क्यों रोए CJP फाउंडर अभिजीत दिपके? आखिरकार सोनम वांगचुक ने उन्हें सबके सामने 'चुप रहने' की सख्त हिदायत क्यों दी थी? इस रुदन और खामोशी के पीछे छिपा है दिल्ली का सबसे बड़ा सियासी राज!

नई दिल्ली: दिल्ली का ऐतिहासिक धरना स्थल जंतर-मंतर शनिवार को एक बेहद भावुक और चौंकाने वाले पल का गवाह बना। NEET पेपर लीक मामले में पिछले 20 दिनों से अनशन पर बैठे मशहूर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जब दिल्ली पुलिस ने जबरन उठाकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया, तो विरोध प्रदर्शन की कमान संभाल रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके सरेआम फूट-फूटकर रो पड़े। इस हाई-वोल्टेज इमोशनल ड्रामे ने जंतर-मंतर पर मौजूद हर शख्स को सन्न कर दिया है और आंदोलन को संभालने के सरकार के तरीके पर एक नई व गंभीर बहस छेड़ दी है।

कैमरे के सामने छलके आंसू: 'अत्याचार' के आरोपों के पीछे का खौफनाक सच?

जैसे ही दिल्ली पुलिस की भारी टुकड़ी ने सोनम वांगचुक को एम्बुलेंस में डाला, जंतर-मंतर पर अफरातफरी मच गई। पुलिसिया कार्रवाई के ठीक बाद जब मीडिया के कैमरे CJP फाउंडर अभिजीत दिपके की तरफ मुड़े, तो वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। दिपके ने रोते हुए आरोप लगाया कि यह लोकतंत्र की हत्या है और वांगचुक जैसे निस्वार्थ एक्टिविस्ट पर प्रशासन द्वारा अत्याचार किया जा रहा है। उन्होंने भरे गले से कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की है। कैमरे पर दिखे इस बेहद भावुक पल ने सोशल मीडिया पर #IndiaWithVikram1 और अन्य ट्रेंड्स के बीच एक नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह आंसू सिर्फ गुस्से के हैं या फिर आंदोलन के बिखरने का कोई अनजाना डर?

‘तुम चुप रहो!’-आखिर वांगचुक ने बीच अनशन दिपके को क्यों दी थी यह सख्त हिदायत?

इस रुदन के बीच एक बेहद रहस्यमयी और पुरानी कड़वाहट की कहानी भी सामने आई है। अस्पताल ले जाए जाने से ठीक पहले, जब दिल्ली हाई कोर्ट ने वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए रोज मेडिकल चेक-अप का आदेश दिया था, तब विरोध स्थल पर एक अजीब घटना घटी थी। भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने सबके सामने CJP फाउंडर अभिजीत दिपके को टोकते हुए 'चुप रहने' के लिए कह दिया था। इस घटना के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब दिपके ने खुद इस राज से पर्दा उठाया है। उन्होंने खुलासा किया कि वांगचुक नहीं चाहते थे कि सरकार के साथ चल रही उनकी बातचीत में किसी भी तरह का उग्र मोड़ आए। वांगचुक शांतिपूर्ण सत्याग्रह चाहते थे, जबकि दिपके का आक्रामक रुख आंदोलन को दूसरी दिशा में ले जा रहा था। क्या यही वैचारिक मतभेद दिपके के आंसुओं की असली वजह है?

 

 

आंसुओं का सैलाब या 20 जुलाई के 'महासंग्राम' की तैयारी?

जंतर-मंतर पर भले ही वांगचुक को हटा दिया गया हो और दिपके कैमरे पर टूटते हुए नजर आए हों, लेकिन CJP के कार्यकर्ताओं का दावा है कि यह आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। रोने के कुछ ही देर बाद अभिजीत दिपके ने अपने तेवर बदलते हुए एक बार फिर प्रशासन को खुली चुनौती दे डाली। उन्होंने साफ किया कि ये आंसू उनकी कमजोरी नहीं बल्कि आक्रोश की निशानी हैं। प्रदर्शनकारियों ने ऐलान कर दिया है कि वे जंतर-मंतर खाली करने के पुलिसिया आदेश के बावजूद पीछे नहीं हटेंगे। 20 जुलाई को संसद के मॉनसून सत्र के पहले ही दिन एक बहुत बड़े 'संसद मार्च' की तैयारी की जा रही है। अब देखना यह होगा कि सफदरजंग अस्पताल के भीतर बेड पर लेटे वांगचुक और बाहर आंसुओं से अंगार बनी कॉकरोच जनता पार्टी सोमवार को दिल्ली की सड़कों पर क्या रंग दिखाती है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप, आंदोलन नहीं रुकेगा

पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों ने इसे आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश बताया। अभिजीत दिपके ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि वांगचुक को अस्पताल ले जाने से आंदोलन खत्म हो जाएगा, तो यह गलतफहमी है। उन्होंने दोहराया कि प्रदर्शन जारी रहेगा और तय कार्यक्रम के अनुसार संसद मार्च की तैयारी भी होगी। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता केवल वांगचुक के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना थी और किसी के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को समाप्त करना उद्देश्य नहीं था।

 

 

अब सबकी नजर आगे क्या होगा?

सोनम वांगचुक अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में हैं, जबकि जंतर-मंतर का आंदोलन नए मोड़ पर पहुंच चुका है। एक ओर पुलिस अपनी कार्रवाई को स्वास्थ्य सुरक्षा और अदालत के आदेशों के अनुरूप बता रही है, वहीं प्रदर्शनकारी इसे आंदोलन पर दबाव बनाने की कोशिश मान रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बातचीत का रास्ता निकलता है या आंदोलन और राजनीतिक रूप से अधिक तीखा होता है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Sonam Wangchuk :अस्पताल में सोनम वांगचुक...इधर पत्नी गीतांजलि के बड़े अल्टीमेटम से टेंशन में सरकार!
Sonam Wangchuk: बिना वर्दी-बिना हथियार Delhi Police ने कैसे तोड़ा Abhijeet Dipke का चक्रव्यूह?