
TMC Crisis Latest Update: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी राजनीतिक उठापटक और पार्टी में संभावित टूट की खबरों के बीच सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने शुक्रवार (12 जून) को पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के प्रति अपना पूरा समर्थन दोहराया। उन्होंने साफ कहा कि उनका पार्टी छोड़ने या किसी अन्य राजनीतिक दल में जाने का कोई इरादा नहीं है।
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि ममता बनर्जी ही उनकी एकमात्र नेता हैं और वे इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे हमेशा लोगों के सुख-दुख में साथ रहे हैं और वर्तमान परिस्थिति में भी ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा, "मैं पहले भी उनके साथ था और आगे भी उनके साथ रहूंगा। फिलहाल मेरा किसी दूसरे दल में जाने या कोई नया राजनीतिक गठबंधन बनाने का कोई इरादा नहीं है।"
सिन्हा ने ममता बनर्जी को एक समझदार, अनुभवी और सफल नेता बताया। उन्होंने कहा कि आज के राजनीतिक माहौल में किसी पार्टी का 41 प्रतिशत वोट हासिल करना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। उनके मुताबिक, यह दर्शाता है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में जनता का भरोसा अभी भी कायम है और ऐसी सफलता हासिल करना हर राजनीतिक दल के बस की बात नहीं है।
जब उनसे उन नेताओं के बारे में पूछा गया जिन्होंने हाल के दिनों में पार्टी छोड़ने का फैसला किया है, तो शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि ऐसे समय में पार्टी का साथ छोड़ना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जब पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही हो, तब नेताओं को संगठन के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर कुछ नेताओं ने पार्टी के सबसे चुनौतीपूर्ण समय में ही अलग रास्ता क्यों चुना।
किसी नेता का नाम लिए बिना शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि कई लोग "दीदी" की शैली अपनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन जब पार्टी संकट में आई तो वही लोग पीछे हट गए। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं के फैसलों के पीछे लालच, डर या फिर जांच एजेंसियों का दबाव जैसी वजहें हो सकती हैं। सिन्हा ने दोहराया, "उनमें से कोई भी मेरा नेता नहीं है। मेरी सिर्फ एक नेता हैं और वह हैं ममता बनर्जी। ममता बनर्जी और सिर्फ ममता बनर्जी।"
पार्टी के भीतर अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को लेकर उठ रही चर्चाओं पर भी शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी राय रखी। वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी द्वारा अभिषेक बनर्जी के कामकाज को लेकर जताई गई चिंताओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की शिकायत या असहमति को पार्टी के आंतरिक मंचों पर उठाया जाना चाहिए। उन्होंने अभिषेक बनर्जी को एक बेहतरीन बुद्धिजीवी बताया और कहा कि संगठन के अंदर बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान निकाला जाना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में शत्रुघ्न सिन्हा ने माना कि उनका भाजपा के साथ करीब 30 वर्षों का जुड़ाव रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में उनका कहीं और जाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनके अच्छे और बुरे समय में उनका साथ दिया, वे उनके प्रति हमेशा आभारी रहेंगे। उन्होंने विशेष रूप से ममता बनर्जी का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन समय में उन्होंने उन्हें अवसर दिया और भरोसा जताया। सिन्हा ने कहा, "मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन जिन्होंने मेरा साथ दिया, खासकर मुश्किल समय में, उनमें ममता जी सबसे आगे रहीं। अब मेरी नेता ममता बनर्जी हैं और वही रहेंगी। फिलहाल मेरा कहीं और जाने का कोई इरादा नहीं है।"
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