US का बड़ा यू-टर्न! 2 साल बाद भारतीय कंपनियों को मिली राहत, आखिर क्यों बदला फैसला?

Published : Jul 01, 2026, 03:57 PM IST
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सार

US Removes Ban on Indian Companies: अमेरिका ने भारत की 4 कंपनियों को OFAC की SDN प्रतिबंध सूची से हटा दिया है। जानिए किन कंपनियों को मिली राहत, 2024 में क्यों लगा था बैन...

भारत और अमेरिका के रिश्तों में पिछले कुछ समय से टैरिफ विवाद को लेकर तनाव देखने को मिला था। हालांकि अब दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते (Trade Deal) पर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए भारत की चार कंपनियों को प्रतिबंध सूची (SDN List) से बाहर कर दिया है। इसे दोनों देशों के संबंधों में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

किन भारतीय कंपनियों से हटाया गया प्रतिबंध?

अमेरिकी वित्त विभाग ने जिन चार भारतीय कंपनियों से प्रतिबंध हटाया है, उनमें हैदराबाद की आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और लोकेश मशीन्स लिमिटेड, अहमदाबाद की गैलेक्सी बियरिंग्स लिमिटेड तथा दिल्ली की शौर्य एरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन सभी कंपनियों को अब अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की स्पेशली डेजिग्नेटेड नेशनल्स (SDN) सूची से हटा दिया गया है।

SDN लिस्ट क्या होती है?

SDN (Specially Designated Nationals) सूची में शामिल कंपनियों और व्यक्तियों की अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में मौजूद संपत्तियां फ्रीज कर दी जाती हैं। इसके अलावा अमेरिकी नागरिकों और कंपनियों के साथ उनके व्यापारिक लेन-देन पर भी कड़े प्रतिबंध लागू हो जाते हैं। ऐसे में इस सूची से बाहर होना संबंधित कंपनियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

आखिर 2024 में क्यों लगा था बैन?

साल 2024 में अमेरिकी विदेश संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने कार्यकारी आदेश के तहत 21 भारतीय संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया था। इनमें 19 कंपनियां और दो व्यक्ति शामिल थे। अमेरिका का आरोप था कि ये संस्थाएं रूस से जुड़े प्रतिबंधों के उल्लंघन में शामिल थीं या रूसी सरकार की सहायता कर रही थीं। यह कार्रवाई रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद मॉस्को पर लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को प्रभावी बनाने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा थी।

भारत ने पहले भी रखा था अपना पक्ष

प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भारत सरकार ने स्पष्ट किया था कि इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ लगातार बातचीत की गई है। विदेश मंत्रालय ने दोहराया था कि भारत अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने वाला एक जिम्मेदार देश है और सभी साझेदार देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने के पक्ष में है।

इन कंपनियों के लिए क्यों अहम है फैसला?

प्रतिबंध से बाहर हुई कंपनियों में लोकेश मशीन्स लिमिटेड और गैलेक्सी बियरिंग्स लिमिटेड शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियां हैं। लोकेश मशीन्स के ग्राहकों में John Deere, Cummins, Volvo, Honda और Suzuki जैसी वैश्विक कंपनियां शामिल हैं। वहीं आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज भारत के विमानन क्षेत्र में काम करती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फैसला केवल चार कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों में भरोसा बढ़ाने और संभावित ट्रेड डील की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत भी माना जा सकता है।

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