एर्दोगन का खतरनाक प्लान! तुर्की बना रहा ऐसी मिसाइल, इंडिया से अमेरिका तक हो सकता है वार

Published : May 20, 2026, 04:28 PM IST
Turkeys 6000 KM ICBM Plan Sparks Global Concern India and US Within Range

सार

Turkey 6000 KM Missile: तुर्की ने 6000 KM रेंज वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल बनाने का प्लान तैयार किया है। दावा है कि यह मिसाइल भारत और अमेरिका तक हमला करने में सक्षम होगी। जानिए यिल्दिरिमहान मिसाइल कितनी खतरनाक है और क्यों बढ़ी दुनिया की चिंता।

Yildirimhan Missile Turkey: मध्य पूर्व में जारी तनाव और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच तुर्की ने ऐसा कदम उठाया है, जिसने दुनिया की बड़ी ताकतों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। तुर्की अब पहली बार अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल यानी ICBM बनाने की तैयारी में जुट गया है। दावा किया जा रहा है कि यह मिसाइल 6000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि इसकी संभावित रेंज में भारत और अमेरिका जैसे देश भी आ सकते हैं।

तुर्की के इस कदम को केवल रक्षा तकनीक का विस्तार नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे वैश्विक शक्ति संतुलन में नई चुनौती के रूप में भी देखा जा रहा है। खासकर तब, जब दुनिया पहले से रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजरायल तनाव और चीन-अमेरिका प्रतिस्पर्धा जैसे संकटों से गुजर रही है।

यह भी पढ़ें: रोम में दिखी मोदी-मेलोनी की ऐसी बॉन्डिंग, तस्वीरें देख लोग रह गए हैरान

क्या है तुर्की की नई मिसाइल योजना?

तुर्की जिस मिसाइल पर काम कर रहा है, उसका नाम “यिल्दिरिमहान” बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल होगी, जिसकी रेंज करीब 6000 किलोमीटर तक हो सकती है। इतनी दूरी तय करने वाली मिसाइलें दुनिया के चुनिंदा देशों के पास ही मौजूद हैं।

बताया गया है कि इस मिसाइल को चार रॉकेट इंजनों से लैस किया जाएगा और यह ध्वनि की गति से लगभग 25 गुना तेज रफ्तार से उड़ान भर सकेगी। तुर्की रक्षा मंत्रालय ने इस्तांबुल में आयोजित SAHA 2026 रक्षा प्रदर्शनी के दौरान इस परियोजना का जिक्र किया।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस मिसाइल से तुर्की की सामरिक ताकत और वायु रक्षा क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। प्रचार वीडियो में जिस तरह अमेरिका से लेकर भारत तक का नक्शा दिखाया गया, उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।

क्यों बढ़ गई अमेरिका की चिंता?

अमेरिका लंबे समय से उन देशों पर नजर रखता रहा है, जो लंबी दूरी की मिसाइल तकनीक विकसित करने की कोशिश करते हैं। खासतौर पर ICBM जैसी मिसाइलों को लेकर वॉशिंगटन बेहद संवेदनशील माना जाता है।

मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (MTCR) के तहत लंबी दूरी की मिसाइल तकनीक के प्रसार पर नियंत्रण रखने की कोशिश की जाती है। हालांकि अलग-अलग देशों के अपने रक्षा कार्यक्रम होते हैं, लेकिन जब कोई देश हजारों किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइल की दिशा में आगे बढ़ता है, तो वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो जाती है। हाल ही में पाकिस्तान की लंबी दूरी की मिसाइल योजनाओं पर भी अमेरिका ने चिंता जताई थी। ऐसे में तुर्की का यह नया प्रोजेक्ट भी रणनीतिक हलकों में गंभीरता से देखा जा रहा है।

भारत के लिए कितना अहम है यह घटनाक्रम?

तुर्की और भारत के संबंध बीते कुछ वर्षों में कई मुद्दों पर तनावपूर्ण रहे हैं। कश्मीर मुद्दे पर तुर्की के बयान हों या पाकिस्तान के साथ उसके करीबी रिश्ते, नई दिल्ली लगातार सतर्क रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि फिलहाल यह मिसाइल परीक्षण और विकास के शुरुआती चरण में है, लेकिन यदि तुर्की सफलतापूर्वक ICBM क्षमता हासिल कर लेता है, तो यह एशिया और यूरोप की सामरिक राजनीति को प्रभावित कर सकता है। हालांकि भारत पहले से ही अपनी मजबूत मिसाइल और रक्षा प्रणाली विकसित कर चुका है। भारत के पास अग्नि श्रृंखला जैसी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें मौजूद हैं, जो सामरिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं।

कितनी खतरनाक हो सकती है यिल्दिरिमहान?

रिपोर्ट्स के अनुसार यह मिसाइल लगभग 3000 किलोग्राम तक का भारी पेलोड ले जाने में सक्षम हो सकती है। इतनी क्षमता वाली मिसाइल बड़े स्तर पर विनाशकारी असर डाल सकती है। बताया जा रहा है कि इसमें तरल नाइट्रोजन टेट्रोक्साइड आधारित ईंधन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी हाई-स्पीड और लंबी दूरी इसे बेहद खतरनाक श्रेणी में ला सकती है। हालांकि तुर्की ने अभी तक इसका कोई आधिकारिक परीक्षण नहीं किया है। इसलिए इसकी वास्तविक क्षमता और तकनीकी प्रदर्शन को लेकर कई सवाल अभी बाकी हैं।

दुनिया की नजर अब तुर्की पर

तुर्की पहले ही ड्रोन टेक्नोलॉजी और रक्षा उद्योग में तेजी से आगे बढ़ चुका है। अब ICBM कार्यक्रम की खबरों ने यह संकेत दिया है कि अंकारा खुद को एक बड़ी सैन्य शक्ति के रूप में स्थापित करना चाहता है। फिलहाल किसी बड़े देश ने इस परियोजना पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक विशेषज्ञों की नजर अब तुर्की के अगले कदम पर टिकी हुई है। अगर यह परियोजना आगे बढ़ती है, तो आने वाले समय में वैश्विक सुरक्षा और हथियार नियंत्रण को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है।

यह भी पढ़ें: PM मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को दी ‘Melody’, भड़क गए राहुल गांधी; कह दी बड़ी बात!

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

राजस्थान से लेकर बंगाल-बिहार तक... ट्रेनों में आगे के पीछे किसका है हाथ?
Bhopal Airport Case: जिसे ड्रग्स समझकर 57 दिन जेल में रखा, वो तो आमचूर-गरम मसाला निकला! कोर्ट ने दिलाया ₹10 लाख का मुआवजा