
US H1B Visa Fee Hike 2026: अमेरिका में काम करने वाले भारतीयों और H-1B वीजा पर निर्भर विदेशी कर्मचारियों के लिए ट्रंप प्रशासन के नए प्रस्ताव ने चिंता बढ़ा दी है। US डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने H-1B वीजा याचिका (प्रीमियम/कैप-सब्जेक्टेड) से जुड़ी फीस को बढ़ाकर $103,265 तक करने का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव सोमवार को Federal Register में प्रकाशित किया गया। अगर लागू हुआ तो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को स्पॉन्सर करने के लिए भारी अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।
प्रस्तावित बदलाव का असर केवल H-1B वर्करों तक सीमित नहीं रहने वाला। इमिग्रेशन सर्विस फर्म Fragomen के मुताबिक, इससे विदेशी नागरिकों, नौकरी की ओर बढ़ रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों और H-1B कर्मचारियों को स्पॉन्सर करने वाले नियोक्ताओं की लागत बढ़ सकती है। पिछले साल भी करीब $100,000 की H-1B याचिका फीस लगाने की कोशिश हुई थी, लेकिन अदालतों में इसे चुनौती दी गई थी। अब प्रशासन फिर इसी दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है।
H-1B कार्यक्रम में भारतीयों की हिस्सेदारी सबसे बड़ी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में USCIS ने 399,402 H-1B याचिकाओं को मंजूरी दी, जिनमें करीब 71% भारत में जन्मे लोगों से संबंधित थीं। यानी फीस में बड़ा बदलाव सीधे भारतीय प्रोफेशनल्स और उन्हें नियुक्त करने वाली अमेरिकी कंपनियों के खर्च को प्रभावित कर सकता है।
मामला यहीं खत्म नहीं होता। DHS के F-1 Optional Practical Training (OPT) कार्यक्रम पर भी नई फीस लगाने की तैयारी कर रहा है। Fragomen के अनुसार, OPT आवेदनों पर $100,000 तक की फीस का प्रस्ताव सामने आ सकता है। हालांकि इन प्रस्तावों की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है और आधिकारिक नियम जारी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
इसी बीच H-1B कर्मचारियों के लिए एक और प्रस्ताव चिंता बढ़ा रहा है। DHS ने बेरोजगार H-1B वर्करों को मिलने वाली मौजूदा 60 दिन की ग्रेस पीरियड खत्म करने का प्रस्ताव दिया है। अगर यह नियम लागू होता है, तो नौकरी जाने के बाद प्रभावित कर्मचारियों के पास अमेरिका में नया विकल्प तलाशने के लिए मौजूदा समय नहीं रहेगा। उनके आश्रितों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
अमेरिका में भारतीय मूल के 52 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। H-1B, OPT और अमेरिकी टेक-जॉब मार्केट में बड़ी भारतीय हिस्सेदारी को देखते हुए प्रस्तावित फीस और इमिग्रेशन नियमों में बदलाव का असर व्यापक हो सकता है। फिलहाल दोनों प्रस्ताव प्रक्रिया में हैं। असली तस्वीर आधिकारिक नियम जारी होने और उनके लागू होने के बाद ही साफ होगी।
यह नियम पहले ही व्हाइट हाउस के 'ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट' (OMB) से समीक्षा प्रक्रिया पूरी कर चुका है। हालांकि पिछले वर्ष भी इसी तरह की फीस वृद्धि की कोशिश को अमेरिकी अदालतों ने अवैध ठहराते हुए रोक दिया था, फिर भी प्रशासन एक नए कानूनी ढांचे के तहत इसे दोबारा लागू करने के लिए प्रयासरत है। वर्तमान में अमेरिका में 52 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोग रहते हैं। यदि यह प्रस्ताव कानूनी प्रक्रिया पार कर अंतिम रूप लेता है, तो यह अमेरिका के टेक-पारिस्थितिकी तंत्र और भारतीय युवाओं की आकांक्षाओं पर एक दूरगामी प्रभाव छोड़ेगा।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।