
Manoj Mukund Naravane Biography: भारत की सुरक्षा चुनौतियों को लेकर पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे का बयान एक बार फिर चर्चा में है। उनका कहना है कि पाकिस्तान की वजह से भारत का तत्काल सुरक्षा फोकस पश्चिमी सीमा पर बना हुआ है, लेकिन आने वाले वर्षों में चीन भारत का प्रमुख प्रतिस्पर्धी बन सकता है। नरवणे ने चीन के लिए ‘दुश्मन’ शब्द इस्तेमाल करने के बजाय ‘प्रतिस्पर्धी’ कहा और साफ किया कि बीजिंग के साथ मतभेदों का समाधान बातचीत और कूटनीति से होना चाहिए। हालांकि, इसके साथ भारत को अपनी सैन्य ताकत और प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत रखनी होगी। इस बीच जानिए जनरल मनोज नरवणे कौन हैं, उनका एजुकेशन, करियर, फैमिली डिटेल और पाकिस्तान- चीन को लेकर क्यों कही ऐसी बाता?
मनोज मुकुंद नरवणे भारतीय सेना के 28वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ रहे। उन्होंने 31 दिसंबर 2019 को जनरल बिपिन रावत से सेना प्रमुख का पद संभाला और 30 अप्रैल 2022 को सेवानिवृत्त हुए। करीब चार दशक के सैन्य करियर में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। सेना प्रमुख बनने से पहले वह वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ, ईस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ और आर्मी ट्रेनिंग कमांड के प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उन्हें पूर्वोत्तर और चीन से लगी संवेदनशील सीमा से जुड़े ऑपरेशनल अनुभव के लिए भी जाना जाता है।
जनरल नरवणे का जन्म 22 अप्रैल 1960 को पुणे में हुआ। उनकी स्कूली शिक्षा पुणे के ज्ञान प्रबोधिनी स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला और इंडियन मिलिट्री एकेडमी से सैन्य प्रशिक्षण लिया। जून 1980 में उन्हें 7वीं बटालियन, द सिख लाइट इन्फैंट्री में कमीशन मिला। सैन्य शिक्षा के साथ उन्होंने उच्च शिक्षा भी हासिल की। उनके पास डिफेंस स्टडीज में मास्टर डिग्री और डिफेंस एंड मैनेजमेंट स्टडीज में एम.फिल. की डिग्री है। वह डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और आर्मी वॉर कॉलेज से भी जुड़े रहे।
जनरल मनोज मुकुंद नरवणे का पारिवारिक जीवन भी काफी सादगी भरा रहा है। उनके पिता मुकुंद नरवणे भारतीय वायु सेना में अधिकारी थे, ऐसे में देशसेवा का माहौल उन्हें परिवार से ही मिला। उनकी पत्नी वीणा नरवणे शिक्षिका रही हैं। नरवणे दंपति की दो बेटियां हैं।
ये भी पढ़ें- दिल्ली में राहुल गांधी अचानक थाने के बाहर क्यों बैठे धरने पर? पैलेट गन पीड़ित की FIR पर बवाल
नरवणे का सैन्य करियर सिर्फ कमांड पोस्ट तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने श्रीलंका में इंडियन पीस कीपिंग फोर्स के साथ काम किया और म्यांमार में डिफेंस अटैशे की जिम्मेदारी भी संभाली। इस वजह से उन्हें सैन्य मामलों के साथ-साथ विदेश और रणनीतिक मामलों का भी व्यापक अनुभव मिला। उनकी पहचान एक ऐसे पूर्व सैन्य अधिकारी के रूप में बनी है, जो सुरक्षा चुनौतियों को केवल सैन्य ताकत के नजरिए से नहीं, बल्कि कूटनीति और रणनीतिक संतुलन के साथ देखने की वकालत करते हैं। चीन को लेकर उनका ताजा संदेश भी इसी सोच को सामने रखता है- बातचीत का रास्ता खुला रहे, लेकिन देश की रक्षा क्षमता इतनी मजबूत हो कि किसी भी चुनौती का जवाब दिया जा सके।
नरवणे के मुताबिक भारत ने पाकिस्तान और चीन, दोनों के साथ युद्ध लड़े हैं और दोनों देशों के साथ सीमा विवाद भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से दोनों पर नजर बनाए रखना जरूरी है। उनका आकलन है कि पाकिस्तान से भारत के लिए तत्काल चुनौती आतंकवाद के कारण बनी हुई है, जबकि लंबी अवधि में चीन के साथ राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक और सैन्य स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। उनका जोर इस बात पर रहा कि किसी भी विवाद में बल प्रयोग पहली पसंद नहीं होना चाहिए। बातचीत और कूटनीतिक रास्ते से समाधान निकालना बेहतर विकल्प है। लेकिन मजबूत सैन्य तैयारी जरूरी है, ताकि किसी संभावित दुस्साहस को रोका जा सके।
ये भी पढ़ें- मदन दिलावर कौन हैं, जिन पर लगा CJP कार्यकर्ताओं को पिटवाने का आरोप
भारत-चीन संबंधों में जून 2020 की गलवान घाटी झड़प ने बड़ा मोड़ ला दिया था। उस समय पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक टकराव हुआ और भारत के 20 जवान शहीद हुए। नरवणे उसी दौर में सेना प्रमुख थे। इसलिए चीन सीमा से जुड़े उनके अनुभव को खास महत्व दिया जाता है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।