कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) टीम पर राजस्थान में हुए हमले के आरोपों के बीच मदन दिलावर चर्चा में हैं। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए 48 घंटे में कार्रवाई की मांग की है।
Who is Madan Dilawar: राजस्थान के जयपुर जिले के रामपुरा कंवरपुरा में एक सरकारी स्कूल का दौरा करने पहुंची CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) की टीम ने अपने ऊपर हमले का आरोप लगाया है। टीम के मुताबिक, स्कूल का निरीक्षण करने के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की, धक्का दिया और पत्थर फेंके। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मदन दिलावर के इशारे पर हमला होने की बात कही है।
कौन हैं मदन दिलावर?
मदन दिलावर राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के सीनियर लीडर्स में गिने जाते हैं। वर्तमान में वे शिक्षा मंत्री हैं। दिलावर का जन्म 11 मई 1959 को राजस्थान के अटरू, बारां में हुआ था। उनकी राजनीतिक जड़ें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी रही हैं। दिलावर पहली बार 1990 में अटरू विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। इसके बाद वह 1990 से 2008 तक लगातार चार बार विधानसभा पहुंचे। वर्तमान में मदन दिलावर कोटा जिले की रामगंज मंडी विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह राजस्थान की पिछली सरकारों में भी मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
भैरों सिंह शेखावत-वसुंधरा राजे सरकार में भी रहे मंत्री
मदन दिलावर पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत और वसुंधरा राजे की सरकारों में मंत्री रह चुके हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव के कारण राजस्थान BJP में उनकी मजबूत पहचान रही है। वर्तमान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार में भी वह कैबिनेट मंत्री हैं।
मदन दिलावर के पास शिक्षा और पंचायती राज विभाग
भजनलाल शर्मा सरकार में मदन दिलावर को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली हुई है। वह स्कूल शिक्षा, पंचायती राज और संस्कृत शिक्षा मंत्री हैं। इसी वजह से सरकारी स्कूलों से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला सीधे तौर पर उनके विभाग से जुड़ता है।
क्यों हुआ विवाद?
मदन दिलावर अपने कड़े फैसलों और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और वीडियोग्राफी पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया था। इस आदेश को लेकर विवाद खड़ा हुआ। विपक्ष और CJP का आरोप है कि यह आदेश सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को सामने आने से रोकने और उनकी वास्तविक स्थिति छिपाने के लिए लाया गया है।
स्कूल की स्थिति देखने पहुंची थी CJP टीम
CJP टीम की सदस्य संजू ने बताया कि वे रामपुरा में सरकारी स्कूल की स्थिति देखने पहुंची थीं। उनके मुताबिक, CJP के साथी करीब एक साल पहले भी इस स्कूल का दौरा कर चुके थे। संजू ने कहा कि उस समय स्कूल भैंसों के बाड़े में चल रहा था। इसी वजह से टीम दोबारा स्कूल की स्थिति देखने के लिए वहां पहुंची थी। CJP टीम की सदस्य संजू ने आरोप लगाया कि जब वे स्कूल पहुंचीं, तो वहां पहले से ही BJP-RSS से जुड़े लोग मौजूद थे। उनके मुताबिक, इन लोगों ने टीम के सदस्यों के साथ डंडों से मारपीट की, उन्हें धक्का दिया और पत्थर भी फेंके। संजू ने कहा कि उन्हें जमीन पर गिरा दिया गया और डंडे से पीटा गया। उन्होंने बताया कि उनके हाथ में चोट आई है और काफी दर्द हो रहा है।
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने पुलिस पर भी उठाए सवाल
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने घटना को लेकर BJP पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूरे देश ने BJP की कथित गुंडागर्दी लाइव देखी। रांका के मुताबिक, मौके पर पहले से ही पत्थरबाजी हो रही थी, लेकिन पुलिस वहां मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने कहा कि वह इस मामले में कुछ नहीं करेगी। आशुतोष रांका ने दावा किया कि CJP के कुछ वॉलंटियर्स के हाथ तोड़ दिए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टीम की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और मौके पर पत्थरबाजी हुई।
मदन दिलावर को 48 घंटे में गिरफ्तार करे पुलिस
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना मदन दिलावर के इशारे पर की गई। उन्होंने मांग की कि घटना में शामिल सभी आरोपियों को 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित आदेश वापस लिया जाना चाहिए। रांका ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो उनका विरोध सिर्फ शिक्षा के मुद्दे तक सीमित नहीं रहेगा और आंदोलन को मदन दिलावर तक ले जाया जाएगा।


