
लखनऊ में TechSangam 2026 के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फॉरेंसिक साइंस, अपराधों की जांच और न्याय व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में पहले डीएनए जांच के सैंपल वर्षों तक लंबित रहते थे, जिससे अपराधियों को सजा दिलाने में देरी होती थी। सीएम योगी के मुताबिक, प्रदेश की 12 रेंज में फॉरेंसिक साइंस लैब तैयार हैं, जबकि छह अन्य लैब निर्माण के अंतिम चरण में हैं। उन्होंने 150 से अधिक फॉरेंसिक वैन और पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग का भी जिक्र किया। अपने संबोधन में उन्होंने 42 साल बाद एक माफिया को सजा मिलने का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्य न्याय प्रक्रिया को तेज करने में मदद कर सकते हैं।