टैलेंट हो तो ऐसा: 10वीं पास किसान तैयार कर रहा पीएचडी का सिलेबस, काबिलियत देख आमिर खान ने भी मिलने बुलाया था

Published : Jan 20, 2022, 01:11 PM ISTUpdated : Jan 20, 2022, 01:40 PM IST
टैलेंट हो तो ऐसा: 10वीं पास किसान तैयार कर रहा पीएचडी का सिलेबस, काबिलियत देख आमिर खान ने भी मिलने बुलाया था

सार

 किसान हुकुमचंद लंबे समय से जैविक खेती कर रहे हैं। उन्हें देश-प्रदेश की जैविक का पूरा नॉलेज है। इतना ही नहीं उन्हें  साल 2019 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पदमश्री से भी नवाजा है। इसी अनुभव को लेकर देश के तमाम कृषि विश्वविद्यालय और कृषि डिग्री कॉलेजों में जैविक खेती के लिए उनसे एग्रीकल्चर स्टूडेंट के लिए सिलेबस तैयार करा रहे हैं। 

झालावाड़ (राजस्थान). यह जरूरी नहीं की पढ़ने-लिखने से ही काबिलियत आती है, क्योंकि अनुभव भी एक ऐसी चीज होती है जो पढ़े-लिखों पर भारी पढ़ती है। राजस्थान के झालावाड़ से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा हर कोई कर रह है। यहां के रहने वाले किसान हुकुमचंद पाटीदार अपने कृषि ज्ञान की बदौलत अपने जिले ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में फेमस हो गए हैं। वह महज दसवीं पास हैं, लेकिन उनके पास खेती का ऐसा नॉलेज है कि उनकी जैविक खेती तकनीक से अब भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद भी प्रभावित हो गया है। अब  किसान हुकुमचंद पीएचडी वालों  के लिए ऐसा सिलेबस तैयार कर रहे हैं जो एग्रीकल्चर स्टूडेंट के भविष्य बनाने के काम आएगा।

आमिर खान के शो के मेहमान बन चुके हैं किसान हुकुमचंद
दरअसल, किसान हुकुमचंद लंबे समय से जैविक खेती कर रहे हैं। उन्हें देश-प्रदेश की जैविक का पूरा नॉलेज है। इतना ही नहीं उन्हें  साल 2019 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पदमश्री से भी नवाजा है। इसी अनुभव को लेकर देश के तमाम कृषि विश्वविद्यालय और कृषि डिग्री कॉलेजों में जैविक खेती के लिए उनसे एग्रीकल्चर स्टूडेंट के लिए सिलेबस तैयार करा रहे हैं। बता दें कि पाटीदार अपने काम को लेकर अभिनेता आमिर खान के शो ‘सत्यमेव जयते’ का भी हिस्सा बन चुके हैं।

जैविक खेती के लिए छोड़ दी थी पढ़ाई
बता दें कि झालावाड़ के रहने वाले किसान हुकुमचंद पाटीदार ने साल 2004 में जैविक खेती करना शुरू किया था। इसके लिए उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई भी रोक दी थी। 10वीं की पढ़ाई छोड़ खेत में काम करना शुरू कर दिया था। हालांकि शुरूआती कुछ दिनों में उन्हें खेती से कम उत्पादन मिला लेकिन उन्होंने फिर भी हार नहीं मानी। वह कम फायदा होने के बाद भी अपने इलाके के किसानों को लगातार इसके फायदे और जैविक खेती का प्रचार-प्रसार करते रहे। आज दुनिया भर के 7 देशों में जैविक उत्पादों की मांग है, जिनकी लोग अच्छी कीमत भी दे रहे हैं। 

PREV

राजस्थान की राजनीति, बजट निर्णयों, पर्यटन, शिक्षा-रोजगार और मौसम से जुड़ी सबसे जरूरी खबरें पढ़ें। जयपुर से लेकर जोधपुर और उदयपुर तक की ज़मीनी रिपोर्ट्स और ताज़ा अपडेट्स पाने के लिए Rajasthan News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — तेज़ और विश्वसनीय राज्य समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

12 हत्यारों को एक साथ उम्रकैद, 11 को 7 साल जेल, जो मर चुके उनको भी सजा, क्या है भरतपुर मर्डर केस
Rajasthan Budget 2026 में महिला-युवा और किसान तक, दिया कुमारी ने किसे दी सबसे बड़ी सौगात