इकलौते बच्चे के है पेरेंट्स तो जान लें सिंगल चाइल्ड के बारे में यह पांच फैक्ट्स

Published : Nov 23, 2022, 12:00 PM IST
इकलौते बच्चे के है पेरेंट्स तो जान लें सिंगल चाइल्ड के बारे में यह पांच फैक्ट्स

सार

अगर आप सिंगल चाइल्ड के पेरेंट्स है और इसे लेकर हमेशा आपके मन में सवाल रहता है कि क्या इकलौते बच्चे की परवरिश करना सही है या दूसरा बच्चा प्लान करना चाहिए? तो आज हम बताते हैं पांच ऐसे तथ्य जो सिंगल चाइल्ड के बारे में आपको जानना बहुत जरूरी है।

रिलेशनशिप डेस्क : अक्सर हम लोगों को कहते सुनते हैं कि बच्चे दो ही अच्छे। अगर किसी घर में एक बच्चा है तो उन्हें दूसरा बच्चा करने पर प्रेशर दिया जाता है। कई बार पेरेंट्स भी इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि क्या उन्हें इकलौते बच्चे की परवरिश करना चाहिए या दूसरे बच्चे के बारे में सोचना चाहिए। अगर आप भी सिंगल चाइल्ड के पेरेंट है और यह सारे ख्याल आपके मन में आते हैं, तो हम आपको बताते हैं सिंगल चाइल्ड की परवरिश के दौरान उनके ऊपर क्या प्रभाव पड़ता है इसके फायदे और नुकसान क्या है...

ज्यादा खुश रहते हैं सिंगल चाइल्ड 
अक्सर लोग कहते हैं कि जिन बच्चों के भाई-बहन होते हैं वह ज्यादा खुश होते हैं। लेकिन इंस्टीट्यूट फॉर सोशल एंड इकोनामिक में प्रकाशित हुई रिसर्च के मुताबिक जिन घरों में दो बच्चे होते हैं, वहां आपस में प्रतियोगिताएं होती हैं और कई बार बच्चे इससे परेशान हो जाते है। ऐसे में कहा जाता है कि सिंगल चाइल्ड अधिक खुश रहते हैं और उनमें कॉम्पिटिटिव फीलिंग नहीं आती है। 

तलाक की ज्यादा संभावना 
एक रिसर्च के अनुसार जो बच्चे अपने माता-पिता के साथ अकेले रहते हैं या जो सिंगल चाइल्ड होते हैं। वह अपने पेरेंट्स की जिंदगी को बहुत करीब से देखते हैं। ऐसे में कई केसों में पाया गया है कि सिंगल चाइल्ड होने वाले बच्चों को भविष्य में तलाक जैसी सिचुएशन का सामना करना पड़ सकता है।

एकेडमिक रिकॉर्ड बेहतर
एक रिसर्च के अनुसार पाया गया है कि सिंगल चाइल्ड का एकेडमिक रिकॉर्ड सिब्लिंग्स की तुलना में बेहतर होता है, क्योंकि माता-पिता 1 बच्चे पर ज्यादा ध्यान दे पाते हैं, जबकि घर में 2 या इससे ज्यादा बच्चे होने पर उनकी शैक्षणिक अपेक्षाएं कम हो जाती है।

अच्छे दोस्त होते हैं सिंगल चाइल्ड 
जो बच्चे इकलौते होते हैं उनकी दोस्ती बहुत पक्की होती है, क्योंकि उन्हें घर में अपनी बातों को शेयर करने के लिए कोई नहीं मिल पाता है। ऐसे में वह दोस्तों से अपनी बातें शेयर करते और वह कमाल के दोस्त बनते हैं.

डिप्रेशन का हो सकते हैं शिकार 
कई रिसर्च में पाया गया है कि सिंगल चाइल्ड किशोरावस्था में डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं। हालांकि, सभी बच्चों के साथ ऐसा नहीं होता है। अगर घर में सिब्लिंग्स है तो वह लड़-झगड़ कर भी एक-दूसरे से अपनी बातें शेयर कर सकते हैं और डिप्रेशन होने के चांसेस उनमें कम होते हैं।

बेहतर परवरिश 
इकलौते बच्चे की परवरिश दो या दो से अधिक बच्चों की परवरिश से बेहतर होती है। सिंगल चाइल्ड अधिक वेल मैनर्स वाले होते हैं और उनका बिहेवियर भी सौम्य होता है।

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