Adhik Maas Shivratri: 13 या 14 जून, कब करें अधिक मास शिवरात्रि व्रत? डेट, मंत्र-मुहूर्त सभी कुछ जानें यहां

Published : Jun 12, 2026, 02:21 PM IST
Adhik Maas Shivratri

सार

Masik Shivratri June 2026: अधिक मास की मासिक शिवरात्रि 2026 में 13 जून को है या 14 जून को? मासिक शिवरात्रि पर पूजा करने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा? शिवरात्रि व्रत में भगवान शिव की पूजा किस समय करनी चाहिए?

June 2026 Mai Masik Shivratri Vrat Kab Kare: हिंदू धर्म में शिवरात्रि व्रत महादेव की कृपा पाने के लिए बेहद खास माना जाता है। अधिक मास में आने वाली शिवरात्रि बहुत ही शुभ मानी गई है क्योंकि ये 3 साल में एक बार आती है। इस बार जून 2026 में अधिक मास की शिवरात्रि का योग बन रहा है? पड़ता है तो इस दौरान आने वाली शिवरात्रि का महत्व और भी बढ़ जाता है। आगे जानिए इस बार ज्येष्ठ के अधिक मास में मासिक शिवरात्रि का व्रत कब किया जाएगा, शुभ मुहूर्त, मंत्र सहित पूरी डिटेल…

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जून 2026 में कब है मासिक शिवरात्रि?

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 13 जून, शनिवार की शाम 04:08 से शुरू होगी जो 14 जून, रविवार की दोपहर 12:20 तक रहेगी। मासिक शिवरात्रि में महादेव की पूजा रात में करने का विधान है और ये स्थिति 13 जून, शनिवार को बन रही है, इसलिए इसी दिन ये व्रत किया जाएगा।

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जून 2026 मासिक शिवरात्रि पूजा मुहूर्त

मासिक शिवरात्रि पर महादेव की पूजा निशिता काल में की जाती है। ये मध्य रात्रि का समय होता है। 13 जून, शनिवार को निशिता काल का शुभ मुहूर्त रात 12 बजकर 01 मिनिट से 12 बजकर 41 मिनिट तक रहेगा। यानी भक्तों को पूजा के लिए पूरे 40 मिनिट का समय मिलेगा।

कैसे करें शिवरात्रि व्रत और पूजा? जानें पूरी विधि

- 13 जून, शनिवार की सुबह उठकर स्नान के बाद व्रत-पूजा का संकल्प लें।
- व्रती (व्रत करने वाले) दिन भर व्रत के नियमों का पालन पूरी श्रद्धा से करें।
- रात को शुभ मुहूर्त से पहले पूजा का पूरा सामान एक स्थान पर एकत्रित कर लें।
- शुभ मुहूर्त शुरू होने पर सबसे पहले शिवलिंग का अभिषेक शुद्ध जल से करें।
- शुद्ध घी का दीपक लगाएं। फूल, बिल्व पत्र, धतूरा आदि चीजें शिवलिंग पर चढ़ाएं।
- पूजा करते समय ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप मन ही मन में निरंतर करते रहें।
- भगवान को भोग लगाएं और परिवार सहित विधि-विधान से आरती करें।
- रात को सोएं नहीं, परिवार व अन्य लोगों के साथ रात भर भजन-कीर्तन करें।
- 14 जून, रविवार की सुबह ब्राह्मणों को भोजन करवाने के बाद स्वयं भोजन करें।
- इस तरह मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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