
Goga Navmi 2026: इस बार 5 सितंबर, शनिवार को गोगा नवमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन जाहरवीर गोगा की पूजा-अर्चना करने की परंपरा है। राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में गोगादेव की विशेष आस्था के साथ पूजा की जाती है। गोगा नवमी के मौके पर मंदिरों और घरों में गोगादेव के भजन और जयकारे भी सुनाई देते हैं। अगर आप भी इस पावन अवसर पर जाहरवीर गोगा की भक्ति में डूबना चाहते हैं, तो उनके ये प्रसिद्ध भजन सुन सकते हैं…
भवन में आ जाओ गोगा जी,
गोरख भी अलख जगा रे स।।
नाथा की माया न्यारी,
या जाणे थामने दूनिया सारी,
देवे पल म काट बिमारी,
इनके खेल निराले स,
गोरख भी अलख जगा रे स।।
पिरा म पीर निराला,
देवे खोल भ्रम का ताला,
चाले घोड़ा पाडे चाले,
नाहर सिंह धर्म निभारे स,
गोरख भी अलख जगा रे स।।
बांगड़ म धाम बणाया,
गुरु चेलया न रंग जमाया,
भगता न वैसा पाया,
जो जो जैसी अर्ज लगा रे स,
गोरख भी अलख जगा रे स।।
दीपक गालव दर आवे,
थारे नाम के भजन बणावे,
बिला राणा संग म सुणावे,
साज ये सुर म बजा रे स,
गोरख भी अलख जगा रे स।।
भवन में आ जाओ गोगा जी,
गोरख भी अलख जगा रे स।।
करूंणा की एक नजर कर दो,
मेरे गोगा जी महाराज।
हे गोगा महाराज मेरे है गोगा महाराज,
करुणा की एक नजर कर दो,
मेरे गोगा जी महाराज ।
मुझसे क्यों रूठे हो बाबा, क्यों नाराज हो,
क्यों नहीं सुनते मेरे मन की आवाज को,
मेरे सिर पर हाथ जरा धरदो,
मेरे गोगा जी महाराज।
मैंने सुना है सब कुछ मिलता, तेर द्वार से,
वारे न्यारे हो जाते तेरे दीदार से,
भंडारे मेरे भी भर दो,
मेरे गोगा जी महाराज।
गुरु गोरख के वरदानी गोगाजी पीर हैं,
सारे जग में डंका बाजे ऐसे वीर हैं,
दुखियों के दुख हर ले पल में,
मेरे गोगा जी महाराज ।
लाग्यो उमावो रे
मेडी के राणा
लाग्यो उमावो रेहिंदू धर्म
पूर्व से संग ऐ चाल्यो
कोई संगधुर मेडया न जाव रे
लाडले रो लाग्यो उमावो रे
सावन उतर लाग्यो रे भादवो
कोई चेला थारी छड तो संभाल रे
लाडले रो लाग्यो उमावो रे
दिल्डी में नौरंग बादशाह रे
कोई संगडा ने लियोरे थमाय
बाघड के राजा लाग्यो उमावो रे
किका तो कहिजो थे जात्री रे
कुण्या जी के जावो रे
लाडले रो लाग्यो उमावो रे
पूर्व का तो में रे जात्री
कोई संगधुर मेडया न जाए रे
लाडले रो लाग्यो उमावो रे
डेरू तो डंका खोसिया रे
कोई गेरया केदडली रे माय
लाडले रो लाग्यो उमावो रे
हाथा तो जड ल्यारे हथकड़ी रे
कोई गल बीच घाली जंजीर रे
लाडले रो लाग्यो उमावो रे
ऊदे तो माथे तो चेला पड़ गया रे
कोई गुगड खेव धूप रे
लाडले रो लाग्यो उमावो रे
गोगाजी जी सूतया रंग महल में
कोई काना म पड़ी रे पुकार रे
लाडले रो लाग्यो उमावो रे
कांची नींदा म गोगाजी जागया रे
कोई तोड़या पिलंगा रा साल रे
लाडले रो लाग्यो उमावो रे
चाकर का न ललकारियो
म्हारे लिलडा न हाजिर ल्याव रे
लाडले रो लाग्यो उमावो रे
पहलोंडो पग धरयो बाघड रे
कोई गुरूवाँ ने करियो सलाम रे
लाडले रो लाग्यो उमावो रे
दुजोड़ो पग धरयो बाघड रे
धरती न करियो सलाम रे
लाडले रो लाग्यो उमावो रे
पहलोडी हाथल जाहर रे वार दी
कोई खुल गया सकल किवाड़ रे
लाडले रो लाग्यो उमावो रे
ओ भूलो म्हारो माफ़ करो थे
कोई चरणा में शीश नवाय रे
बाघड के राजा लाग्यो उमावो रे
करा रे तंदूरी सवा लाख की री
कोई दिवला में तेल घलाय रे
बाघड के राजा लाग्यो उमावो रे
तेरा द्वारा घणा से प्यारा,
जगत ते न्यारा मैं देखण आग्या गोगा जी,
मैं दर-दर ठोकर खाकर,
तेरे दर आगया गोगा जी ||
दुनिया में डंका बाजें लीला सबते न्यारी,
मेरे करदे दुखड़े दूर हो बाबा शेष नाग अवतारी,
मैं आया शरण, मैंने राख चरण,
दर भाग्या गोगा जी ||
गुरु गोरख का चेला हो बाबा
जग की आंख तारा,
जेवर सिंह पूत लाडला,
मां बाछल का प्यारा,
तेरी पूजा हो घर घर में, देश नगर में,
मैं सुन आग्या गोगा जी,
दर भाग्या गोगा जी ||
नीले घोड़े की असवारी,
नेजा रखें हाथ में,
नरसी पांडा, बाला भांजा, पूजा सामग्री खरीदें
भज्जू भी चले साथ में,
हो वीर जाहर, तेरा सच्चा द्वार,
मन्न भाग्या गोगा जी,
दर भाग्या गोगा जी ||
लाखों की संख्या में संगत,
दर तेरे पे आवे,
हो अन्तर्यामी गोगा जी,
तू सबके कष्ट मिटावा,
मेरे दिल में, जिगर में,
मन- मंदिर में छाग्या गोगा जी,
दर भाग्या गोगा जी ||
बाछल माता बैठी झरोका रे माय माता
बैठी झरोका रे माय
मेडी म दिख कोनी च्यानणों
लालू बेटा रे तु म्हारे घर को लुहार बेटा
तु म्हारे घर को लुहार
दीवलों घड ल्यारे सरवा सोवणों
माता म्हारी म्हार तो हाथा कोनी लोय
म्हार तो हाथा कोनी लोय
म्हार तो कन कोनी कोयला
लालू बेटा रे पल में मंगादयु रे लोय बेटा
पल में मंगादयु रे लोय
पल में मंगादयु काला कोयला
अब माता म्हारी ऐ लोहागढ़ म निपजे लोय
लोहागढ़ म निपजे लोय
अ बेटा मेरा रे क्याम तो आवे है लोय दक्षिण-एशियाई संगीत
क्याम तो आवे है लोय
क्याम तो आव है काला कोयला
अब माता मेरी ऐ ऊँटा मे आवे है लोय
ऊँटा मे आवे है लोय
गाडा में आव काला कोयला
लालू बेटा रे क मण लाग है लोय बेटा
क मण लाग है लोय
क मण लाग काला कोयला
माता मेरी ऐ नौ मण लाग है लोय
दस मण लाग काला कोयला
अब दीवलें पर नौ लख मांडो दादर मोर
नौ लख मांडो दादर मोर
दस लख सुआ कोयली
दीवलों रे जगीयो मेडी क रे माय
जगीयो मेडी क रे माय
चारु कुंटा म छायो च्यानणों
अब दिवले ने गायो सभा के रे माय
गायो सभा के रे माय
सुणता का कटज्या पाप
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