Hariyali Teej 2026: कब है हरियाली तीज, 15 या 16 अगस्त, पूजा के कितने मुहूर्त? नोट करें डेट और टाइम

Published : Aug 06, 2026, 01:44 PM IST
Hariyali Teej 2026

सार

Hariyali Teej Kab Hai: सावन मास में हर साल हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं घर की सुख-समृद्धि के लिए देवी पार्वती और महादेव की पूजा करती हैं। इस बार हरियाली तीज का पर्व अगस्त 2026 में मनाया जाएगा।

Hariyali Teej 2026 Date-Shubh Muhurat: सावन में महिलाओं से संबंधित अनेक व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। हरियाली तीज भी इनमें से एक है। ये पर्व सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाया जाता है। ये व्रत महिला प्रधान हैं। इस दिन महिलाएं हरे रंग के कपड़े और चूड़ियां विशेष रूप से पहनती हैं और देवी पार्वती को भी हरे रंग का श्रृंगार सामग्री भेंट करती हैं। साल 2026 में हरियाली तीज का पर्व कब मनाया जाएगा? सभी के मन में ये जानने की इच्छा है। आगे जानिए हरियाली तीज 2026 की सही डेट और शुभ मुहूर्त…

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कब है हरियाली तीज 2026?

सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर हरियाली तीज का पर्व मनाने की परंपरा है। पंचांग के अनुसार इस बार सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 14 अगस्त, शुक्रवार की शाम 06 बजकर 47 मिनिट पर शुरू होगी, जो 15 अगस्त की शाम 05 बजकर 29 मिनिट तक रहेगी। चूंकि तृतीया तिथि का सूर्योदय 15 अगस्त को होगा, इसलिए इसी दिन हरियाली तीज का पर्व मनाया जाएगा।

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हरियाली तीज 2026 पूजा शुभ मुहूर्त

वैसे तो हरियाली तीज पर पूरे दिन शिव-पार्वती की पूजा की जा सकती है लेकिन अगर ये काम मुहूर्त देखकर किया जाए तो इसका और भी अधिक शुभ फल मिलता है। ये हैं हरियाली तीज के शुभ मुहूर्त की डिटेल-
सुबह 07:43 से 09:19 तक
दोपहर 12:05 से 12:56 तक (अभिजीत मुहूर्त)
दोपहर 12:31 से 02:07 तक
दोपहर 15:43 से 05:19 तक

क्यों मनाते हैं हरियाली तीज?

हरियाली तीज भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन तथा अखंड सौभाग्य की कामना का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए 107 जन्मों तक कठोर तपस्या की थी। 108वें जन्म में उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इसी दिव्य मिलन की स्मृति में हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है।

हरियाली तीज का महत्व

विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए यह व्रत रखती हैं। वहीं अविवाहित कन्याएं भगवान शिव जैसा योग्य वर पाने की कामना से हरियाली तीज का व्रत करती हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक यह व्रत करने से वैवाहिक जीवन में प्रेम, सौभाग्य और सुख-समृद्धि बनी रहती है।


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