Mauni Amavasya 2026: ज्योतिष शास्त्र में जो 16 तिथियां बताई गई हैं इनमें अमावस्या भी एक है। इस तिथि के देवता पितृ हैं। इसलिए इस तिथि पर पितरों की शांति के लिए विशेष उपाय आदि किए जाते हैं।
Mauni Amavasya 2026 Shubh Muhurat: हिंदू कैलेंडर का 11वां महीना माघ का महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में बताया गया है। इस महीने की अमावस्या को मौनी और माघी अमावस्या कहते हैं। मौनी अमावस्या का महत्व साल में आने वाली अन्य अमावस्याओं से काफी अधिक माना गया है। इस बार मौनी अमावस्या का संयोग साल 2026 के पहले महीने जनवरी में बन रहा है। इस दिन कईं शुभ योग भी रहेंगे जिसके चलते मौनी अमावस्या का महत्व और भी बढ़ गया है। आगे जानें कब है मौनी अमावस्या और इसके शुभ मुहूर्त की डिटेल…
पंचांग के अनुसार माघ मास की अमावस्या तिथि 17 जनवरी, शनिवार की रात 12 बजकर 04 मिनिट से शुरू होगी जो 18 जनवरी, रविवार की रात 01 बजकर 21 मिनिट तक रहेगी। चूंकि अमावस्या तिथि का सूर्योदय 18 जनवरी, रविवार को उदय होगा, इसलिए इसी दिन मौनी अमावस्या मानी जाएगी।
सुबह 08:35 से 09:55 तक सुबह 09:55 से 11:16 तक दोपहर 01:57 से 03:18 तक शाम 06:00 से 07:39 तक शाम 07:39 से रात 09:18 तक
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क्या है मौनी अमावस्या का महत्व?
मौन का अर्थ है चुप रहना और मानसिक चिंतन करते हुए परमात्मा का स्मरण करना। मौनी अमावस्या पर मौन यानी चुप रहकर दिन भर मन पर नियंत्रण रखने का प्रयास किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से मन शांत रहता है और जीवन में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। मौन रहने से हम वाणी के दोषों से भी बच सकते हैं। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने और जरूरतमंदों को दान करने का विशेष महत्व है।
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पितृ शांति के लिए श्रेष्ठ है ये तिथि
मौनी अमावस्या को पितृ तर्पण के लिए भी श्रेष्ठ माना जाता है। मान्यता है कि जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष है यदि वे इस दिन विशेष उपाय जैसे पिंडदान, तर्पण आदि करें तो इस दोष का निवारण काफी हद तक किया जा सकता है। इस दिन जरूरतमंदों को दान करने से भी पितृ प्रसन्न होते हैं।
Disclaimer इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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