Dussehra 2025: दशहरे पर क्यों करते हैं शमी वृक्ष की पूजा? जानें मुहूर्त, मंत्र सहित पूरी विधि

Published : Oct 02, 2025, 09:58 AM IST
Dussehra 2025

सार

Shami Puja 2025: इस बार दशहरा 2 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन शमी वृक्ष की पूजा विशेष रूप से की जाती है। दशहरे पर शमी वृक्ष की पूजा क्यों करते हैं, इससे जुड़ी कईं मान्यताएं हैं।

Shami Puja Vidhi-Mantra: दशहरा हिंदुओं के बड़े त्योहारों में से एक है। ये उत्सव हर साल आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस पर्व से जुड़ी अनेक परंपराएं हैं, जो इसे और भी खास बनाती हैं। शमी पूजन भी इनमें से एक है। दशहरे पर शमी वृक्ष की पूजा क्यों की जाती है, इसे लेकर कईं मान्यताएं हैं। आगे जानिए कैसे करें शमी वृक्ष की पूजा विधि, मंत्र और शुभ मुहूर्त सहित पूरी डिटेल…

ये भी पढ़ें-
Dussehra 2025: दशहरे पर कितनी देर रहेगा ‘विजय मुहूर्त’? नोट करें टाइम

शमी वृक्ष पूजा के शुभ मुहूर्त

सुबह 10:47 से दोपहर 12:16 तक
दोपहर 11:52 से 12:39 तक (अभिजीत मुहूर्त)
दोपहर 12:16 से 01:44 तक
दोपहर 01:44 से 03:12 तक
दोपहर 02:09 से 02:56 तक (विजय मुहूर्त)

ये भी पढ़ें-
Dussehra 2025: इन 3 योद्धाओं के हाथों हारा रावण, चौथे ने दिया जीवनदान

कैसे करें शमी वृक्ष की पूजा?

- दशहरे के दिन यानी 2 अक्टूबर, गुरुवार को ऊपर बताए किसी भी शुभ मुहूर्त में आप शमी वृक्ष की पूजा कर सकते हैं। इस पूजा के दौरान लाल कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।
- सबसे पहले शमी वृक्ष पर कुमकुम से तिलक करें फिर चावल अर्पित करें। लाल फूलों की माला चढ़ाएं। शमी वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें। शुद्ध घी का दीपक लगाएं और मौली बांधें। ये मंत्र बोलें-
अमंगलानां च शमनीं शमनीं दुष्कृतस्य च।
दु:स्वप्रनाशिनीं धन्यां प्रपद्येहं शमीं शुभाम्
- इस तरह शमी वृक्ष की पूजा के बाद इसकी 7 परिक्रमा करें और अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए प्रार्थना करें। इससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहेगी।

क्यों करते हैं शमी वृक्ष की पूजा?

धर्म ग्रंथों के अनुसार, शमी वृक्ष में भगवान शिव का वास होता है। शमी को अग्नि का रूप भी मानते हैं। मान्यता है कि रावण का वध करने से पहले भगवान श्रीराम ने भी शमी वृक्ष की पूजा की जाती है। वहीं महाभारत के अनुसार पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान अपने सभी अस्त्र-शस्त्र शमी वृक्ष पर ही छिपाए थे। शमी वृक्ष से जुड़ी एक मान्यता ये भी है कि इसकी पूजा से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इसलिए जिन लोगों पर शनि का कुप्रभाव हो, उन्हें शमी वृक्ष की पूजा अवश्य करनी चाहिए।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

PREV

पूजा व्रत कथा: Read everthing about Puja Vrat Katha, Puja Vrat Muhurat, tyohar and puja vidhi for Hindu festivals at Asianet news hindi

Read more Articles on

Recommended Stories

Maha Shivratri 2026 Kab Hai: 15 या 16 फरवरी महाशिवरात्रि कब है? यहां दूर करें कंफ्यूजन जानें सही डेट
Shattila Ekadashi 2026: षटतिला एकादशी व्रत कब? जानें पूजा विधि, मंत्र और शुभ मुहूर्त