
उज्जैन. हिंदू नववर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। इस बार ये तिथि 23 मार्च, बुधवार को है। हिंदू नववर्ष महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा (Gudi Padwa 2023) के पर्व मनाया जाता है। इस पर्व से कई मान्यताएं और परंपराएं जुड़ी हैं। इनमें से कुछ परंपराओं के पीछे वैज्ञानिक कारण भी छिपे हैं। इस दिन अगर कुछ खास उपाय किए जाएं तो घर में साल भर सुख-समृद्धि बनी रहती है (Gudi Padwa Ke Upay)। आगे जानिए इन उपायों के बारे में…
घर के मुख्य द्वार पर लगाएं वंदनवार
गुड़ी पड़वा साल का पहला दिन होता है। इस दिन घर के मुख्य दरवाजे पर आम के पत्तों का बना वंदनवार लगाना चाहिए। ऐसा करने से घर में निगेटिव एनर्जी प्रवेश नहीं कर पाती और पॉजिटिविटी बढ़ती है। इसका शुभ प्रभाव पूरे साल मिलता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
देवी लक्ष्मी की पूजा करें
गुड़ी पड़वा की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें और साफ वस्त्र पहनकर देवी लक्ष्मी की पूजा करें। ये चैत्र नवरात्रि का भी पहला दिन होता है। ऐसा करने से देवी की कृपा हम पर बनी रहती है और धन संबंधी मामलों में समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता।
तुलसी को पूजा करें
गुड़ी पड़वा की शाम को तुलसी के पौधे की पूजा करें। गाय के शुद्ध घी का दीपक लगाएं। इसके बाद तुलसी नामाष्टक मंत्र बोलते हुए तुलसी के पौधे की परिक्रमा करें। ये है तुलसी नामाष्टक मंत्र-
वृन्दां वृन्दावनीं विश्वपावनींविश्वपूजिताम् ।।
पुष्पसारां नन्दिनीं च तुलसीं कृष्णजीवनीम् ।।
एतन्नामाष्टकं चैव स्तोत्रं नामार्थसंयुतम् ।।
यः पठेत्तां च संपूज्य सोऽश्वमेधफलं लभेत् ।।
इन 5 स्थानों पर करें दीपक लगाएं
गुड़ी पड़वा की शाम सूर्यास्त होने के बाद घर के किचन, मुख्य द्वार के दोनों ओर, पूजा स्थान, समीप स्थित किसी मंदिर में और कुएं या बावड़ी पर दीपक जलाएं। इन सभी स्थानों पर अलग-अलग देवताओं का वास माना गया है। ये उपाय करने से इन सभी देवताओं की कृपा आपको प्राप्त होगी आपके जीवन में खुशियां बनी रहेंगी।
जरूरतमंदों को दान करें
गुड़ी पड़वा पर जरूरतमंदों को दान करें। ये हिंदू नववर्ष का पहला दिन होता है। इस दिन किए गए दान का फल पूरे साल मिलता है। दान में आप भोजन, अनाज, कपड़े आदि चीजें जरूरतमंदों को दे सकते हैं। अगर इस दिन कोई आपके घर आकर किसी चीज की अपेक्षा करे तो उसे खाली हाथ न जानें दें।
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