
Vat Savitri Vrat Ke Niyam: हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर वट सावित्री व्रत किया जाता है। इस बार ये व्रत 6 जून, गुरुवार को किया जाएगा। ये व्रत महिला प्रधान है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है साथ ही पति की उम्र भी बढ़ती है। इस व्रत के दौरान महिलाओं का कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए, नहीं तो इसके अशुभ परिणाम भी हो सकते हैं। आगे जानें वट सावित्री व्रत के नियम…
घर में न बनाएं तामसिक भोजन
जो महिलाएं वट सावित्री का व्रत करती हैं, वे शाम को एक समय भोजन कर सकती हैं। लेकिन वे इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इस दिन भूल से भी घर में तामसिक भोजन जैसे मांस-अंडा न बनाएं। घर का कोई अन्य सदस्य भी इस दिन तामसिक भोजन करने से बचें।
ब्रह्मचर्य का करें पालन
वट सावित्री व्रत के दिन महिलाएं ब्रह्मचर्य का पालन करें यानी पति से दूर रहें। इस व्रत में पवित्रता का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाता है, इसके लिए ब्रह्मचर्य का पालन करना अति आवश्यक है।
काले रंग के कपड़े न पहनें
वट सावित्री व्रत खुशी और उल्लास का पर्व है इसलिए इस दिन जो महिलाएं व्रत-पूजा करें वे काले रंग के कपड़े न पहनें क्योंकि ये इस रंग के कपड़े हमारे जीवन पर निगेटिव इफेक्ट डालते हैं। इस दिन महिलाएं लाल, पीले या हरे रंग के कपड़े पहने तो शुभ रहेगा। इनके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।
किसी पर भी क्रोध न करें
वट सावित्री व्रत के दिन महिलाएं किसी पर क्रोध न करें और न ही किसी की चुगली करें। जो महिलाएं इस व्रत में क्रोध या चुगली करती हैं, उन्हें इसका पूरा फल नहीं मिल पाता। इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें।
किसी को खाली हाथ न लौटाएं
वट सावित्री व्रत के दिन यदि कोई भिखारी आपके घर किसी वस्तु जैसे भोजन आदि की इच्छा से आए तो उसे खाली हाथ न लौटाएं, उसे अपनी इच्छा अनुसार कुछ न कुछ जरूर दें। इससे आपके जीवन में आ रही परेशानियां स्वत: ही दूर हो सकती हैं।
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