बिना माता के कैसे हुआ बाली का जन्म, कैसे छिन लेता था दुश्मन की आधी ताकत?

सार

Interesting facts of Bali: महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखी रामायण में कई प्रमुख पात्र हैं। वानरों के राजा बाली भी इनमें से एक हैं। बाली के जन्म की कथा भी बहुत रोचक है। बाली का जन्म 2 पुरुषों से हुआ था।

 

रामायण के अनुसार, वानरों के राजा बाली बहुत ही शक्तिशाली थे, वो जिससे भी युद्ध करते थे, उसकी आधी शक्ति छिन लेते थे। यही कारण था कि बाली कभी किसी से कोई युद्ध नहीं हारे। आपको जानकर हैरानी होगी बाली किसी स्त्री की नहीं बल्कि 2 पुरुषों की संतान थे। इससे जुड़ी रोचक कथाएं भी वाल्मीकि रामायण में मिलती है। आगे जानिए कैसे हुआ बाली का जन्म व अन्य रोचक बातें…

2 पुरुषों से कैसे हुआ बाली का जन्म?
ग्रंथों के अनुसार, ऋष्यमूक पर्वत पर ऋक्षराज नाम का एक वानर रहता था। उस पर्वत पर एक तालाब भी था। उस तालाब की विशेषता थी कि जो भी उसमें स्नान करता, वो सुंदर स्त्री में बदल जाता था। एक बार भूल से ऋक्षराज ने उस सरोवर में स्नान कर लिया, जिससे वह एक सुंदर स्त्री में बदल गया। देवराज इंद्र ने जब उसे देखा तो उनके मन में विकार आ गया और उनका तेज (वीर्य) उस सुंदर स्त्री के बाल पर जा गिरा, जिससे एक शक्तिशाली वानर का जन्म हुआ। बाल पर वीर्य गिरने से उत्पन्न हुए वानर का नाम बाली रखा गया।

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बाली कैसे छिन लेता था दुश्मन की ताकत?
प्रचलित कथाओं के अनुसार, बाली को उसके पिता देवराज इंद्र ने एक दिव्य हार दिया था, जिसे स्वयं परमपिता ब्रह्मा ने अभिमंत्रित किया था। वो हार पहनकर जब भी बाली किसी योद्धा के सामने युद्ध करने जाता था तो उसकी आधी ताकत उसके अंदर आ जाती थी। यही कारण था बाली अपने जीवन में कभी किसी से कोई युद्ध नहीं हारे।

सुग्रीव को क्या भगाया किष्किंधा से?
एक बार मायावी नाम के राक्षस ने बाली को युद्ध के लिए ललकारा। बाली उसका पीछा करते-करते एक गुफा में घुस गया। उस समय सुग्रीव भी उसके साथ थे। काफी समय बाद उस गुफा से खून की धारा बाहर निकली तो सुग्रीव को लगा कि मायावी ने बाली को मार दिया था। ये सोचकर उन्होंने एक बड़े पत्थर से गुफा को बंद कर दिया। बाली को मरा जानकर वानरों ने सुग्रीव को अपना राजा मान लिया। जब बाली किष्किंधा आए तो सुग्रीव को राजा बना देख उन्हें बहुत क्रोध आया और उन्होंने उसे अपने राज्य से बाहर निकाल दिया।

क्यों किया श्रीराम ने बाली का वध?
जब भगवान श्रीराम अपनी पत्नी सीता की खोज में सुग्रीव से मिले तो उन्हें पता चला कि कैसे बाली ने उनके साथ अन्याय किया है और उसकी पत्नी को भी बलपूर्वक अपने साथ रख लिया है तो श्रीराम ने छिपकर योजना पूर्वक बाली का वध कर दिया। मृत्यु से पहले बाली ने अपना अपराध पूछा तो श्रीराम ने कहा ‘छोटे भाई की पत्नी पुत्री के समान होती है और तुमने उसे बलपूर्वक अधिकार किया, इसलिए तुम्हारे लिए मृत्यु की उचित दंड है।’


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इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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