भारत की T20 वर्ल्ड कप जीत आसान नहीं थी। टीम कई मैचों में हार के जबड़े से जीत छीनकर लाई। सूर्यकुमार, संजू सैमसन, बुमराह और अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ियों के चमत्कारी प्रदर्शन ने टीम को चैंपियन बनाया।
भारत ने इस बार T20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी एकतरफा नहीं जीती। टीम कुछ मैचों में हार की कगार पर थी, तो कुछ में संघर्ष करके जीती। जब लगा कि टीम हार जाएगी, तभी किसी खिलाड़ी ने चमत्कार कर दिया। आइए, ऐसे ही सुपर मोमेंट्स को फिर से याद करते हैं।
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सूर्य कुमार जब बन गए संकटमोचक
भारत अपने शुरुआती मैच में अमेरिका के खिलाफ हारने की कगार पर था। उस मैच में भारत 13 ओवर तक 80 रन भी नहीं बना पाया था। ऐसे में कप्तान सूर्यकुमार यादव टीम के लिए संकटमोचक बनकर आए। उन्होंने 49 गेंदों में 84 रन बनाकर मैच का रुख बदल दिया। भारत ने 9 विकेट पर 161 रन बनाए और 29 रनों से मैच जीत लिया।
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ईशान किशन की विस्फोटक पारी
पाकिस्तान की योजना भारत को स्पिनरों से रोकने की थी और वे काफी हद तक सफल भी हो रहे थे। लेकिन जहां ज्यादातर बल्लेबाज एक-एक रन बना रहे थे, वहीं ईशान किशन ने विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने सिर्फ 40 गेंदों में 77 रन ठोक दिए। टीम ने 175 रन बनाए। इस दबाव में पाकिस्तान की टीम सिर्फ 114 पर ऑलआउट हो गई।
ग्रुप स्टेज में नीदरलैंड्स के खिलाफ शिवम दुबे का खेल शानदार था। उन्होंने धीमी पड़ रही टीम की स्कोरिंग को रफ्तार दी। दुबे ने सिर्फ 31 गेंदों में 212।90 की स्ट्राइक रेट से 66 रन बनाए। इतना ही नहीं, उन्होंने गेंदबाजी में भी 2 विकेट लेकर टीम को बड़ी जीत दिलाई।
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संजू सैमसन की चमत्कारिक पारी
अगर भारत आज वर्ल्ड चैंपियन है, तो इसके पीछे संजू सैमसन की 2 शानदार और निर्णायक पारियों का बड़ा हाथ है। सुपर-8 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मैच में संजू ने अकेले दम पर टीम को जिताया। जब बाकी बल्लेबाज फेल हुए, तब उन्होंने 50 गेंदों में नाबाद 97 रन बनाए। सेमीफाइनल में भी संजू भारत के हीरो बने। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंदों पर 89 रन बनाकर टीम को फाइनल में पहुंचाया।
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बुमराह की घातक गेंदबाजी
सेमीफाइनल में 254 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड जीत के करीब था। लेकिन बुमराह ने जो किया, उसे भारतीय फैंस और इंग्लैंड के क्रिकेटर सालों तक नहीं भूल पाएंगे। इंग्लैंड को आखिरी 30 गेंदों में 69 रन चाहिए थे। बुमराह ने 16वें ओवर में 8 और 18वें ओवर में सिर्फ 6 रन दिए। यहीं से मैच का पासा पलट गया। बाकी 3 ओवर में 47 रन बनाने के बावजूद इंग्लैंड जीत नहीं सका।
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अक्षर पटेल का 2 गेमचेंजर कैच
अगर सेमीफाइनल में अक्षर पटेल ने वो 2 शानदार कैच नहीं लिए होते, तो शायद भारत फाइनल में नहीं पहुंचता और न ही कप जीतता। 5वें ओवर में ब्रूक के शॉट पर अक्षर डीप पॉइंट की तरफ पीछे दौड़ते हुए एक अविश्वसनीय कैच लपका। इसके बाद 14वें ओवर में खतरनाक जैक्स का शॉट बाउंड्री पार करने ही वाला था कि अक्षर ने हवा में उछलकर उसे पकड़ा और शिवम दुबे की तरफ फेंक दिया। दुबे ने कैच पूरा किया और जैक्स आउट हो गए। यहीं से भारत की जीत का रास्ता साफ हो गया।