
बारिश की हल्की फुहारें, मैदान में गूंजती तालियां और अलग-अलग रंगों की पोशाक में कदमताल करते सैकड़ों खिलाड़ी... मंगलवार को पेंड्रा का फिजिकल कॉलेज मैदान कुछ ऐसा ही नजारा पेश कर रहा था। मौका था 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के शुभारंभ का, जहां छत्तीसगढ़ के पांचों संभागों से पहुंचे 540 स्कूली खिलाड़ियों ने अपने जोश और अनुशासन से माहौल को खेलमय बना दिया। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने ध्वजारोहण कर चार दिवसीय प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। प्रतियोगिता 18 से 21 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान 14 से 19 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ी अलग-अलग खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा संभाग के कुल 540 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में चार खेल विधाओं को शामिल किया गया है। इनमें जिम्नास्टिक, कबड्डी, क्रिकेट और ताइक्वांडो शामिल हैं। जिम्नास्टिक में बालक और बालिका दोनों वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। कबड्डी में बालिका वर्ग, क्रिकेट में बालक वर्ग तथा ताइक्वांडो में बालक और बालिका वर्ग के मुकाबले होंगे। प्रतियोगिताएं अलग-अलग स्थानों पर आयोजित की जा रही हैं। जिम्नास्टिक की स्पर्धाएं जिम्नास्टिक हॉल गुरुकुल गौरेला, क्रिकेट के मुकाबले फिजिकल कॉलेज मैदान गुरुकुल पेंड्रा, ताइक्वांडो जनपद सभागार पेंड्रा और कबड्डी की स्पर्धाएं कबड्डी प्रशिक्षण केंद्र पेंड्रा में होंगी।
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उद्घाटन समारोह में सबसे ज्यादा ध्यान खिलाड़ियों के मार्चपास्ट ने खींचा। पांचों संभागों से आई खिलाड़ियों की टुकड़ियां केसरिया, पीली, नीली, हरी, लाल और सफेद रंग की पोशाकों में मैदान से गुजरीं। अनुशासन के साथ कदमताल करते खिलाड़ियों का उत्साह देखकर मैदान तालियों से गूंज उठा। स्कूली छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता की झलक दिखाई दी। खेल और संस्कृति के इस संगम ने उद्घाटन समारोह को खास बना दिया।
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने खिलाड़ियों को खेल नियमों का पालन, अनुशासन और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की शपथ दिलाई। उन्होंने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आज खेल को देखने का नजरिया बदल रहा है और खेल में या तो जीत मिलती है या सीख। उन्होंने खिलाड़ियों से तनाव और अवसाद से दूर रहकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उनके मुताबिक, खेल सिर्फ पदक जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, धैर्य, आत्मविश्वास और संघर्ष की भावना भी विकसित करता है।
कार्यक्रम के दौरान फिजिकल कॉलेज मैदान पेंड्रा में भविष्य में खेल और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए बड़े और सुविधाजनक मंच के निर्माण की घोषणा भी हुई। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने 10 लाख रुपये, जबकि कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। यानी मंच निर्माण के लिए कुल 15 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की गई है। वहीं, कलेक्टर विजय दयाराम के. ने आयोजन से जुड़े अधिकारियों को खिलाड़ियों की सुविधा, सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता सिर्फ मुकाबलों का मंच नहीं है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आए स्कूली खिलाड़ियों के लिए यह अपने हुनर को राज्य स्तर पर दिखाने का अवसर भी है। अगले चार दिनों में खिलाड़ी जीत के लिए मैदान में उतरेंगे, लेकिन इस प्रतियोगिता से उन्हें जीत-हार से आगे अनुशासन, टीम भावना, प्रतिस्पर्धा और खेल भावना की सीख भी मिलेगी। यही अनुभव आगे चलकर कई खिलाड़ियों के बड़े खेल मंचों तक पहुंचने की नींव बन सकता है।
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