Chhattisgarh AI Mission: छत्तीसगढ़ बनेगा AI हब! मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तैयार किया मेगा रोडमैप

Published : Jul 02, 2026, 08:39 AM IST
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सार

छत्तीसगढ़ सरकार AI, भारतनेट, मोबाइल नेटवर्क, सेवा सेतु और डिजिटल परियोजनाओं को नई गति देगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एआई आधारित सुशासन का विजन पेश किया।

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास, मोबाइल नेटवर्क विस्तार, इंटरनेट कनेक्टिविटी, सेवा सेतु, ई-प्रगति पारस (प्रोजेक्ट असेसमेंट रिव्यू एवं एनालिसिस सिस्टम), सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स तथा विभिन्न डिजिटल नवाचार परियोजनाओं की प्रगति का विस्तार से आकलन किया गया। इसके अलावा युवाओं के कौशल विकास, रोजगार के नए अवसर, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और तकनीक आधारित सुशासन को गति देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

Chhattisgarh AI Vision: एआई के जरिए सुशासन और नागरिक सेवाओं को मिलेगी नई ताकत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं और राज्य इस दिशा में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने के लिए तेजी से कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि एआई केवल भविष्य की तकनीक नहीं है, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, कार्यकुशलता और बेहतर जनसेवा का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

उन्होंने कहा कि एआई का उद्देश्य केवल नई तकनीक को अपनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश के लोगों को इस तकनीक के लिए तैयार करना, व्यवसायों की उत्पादकता बढ़ाना, नागरिकों की आय में वृद्धि करना और बेहतर सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास और प्रशासनिक कार्यों में एआई के व्यापक उपयोग से आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके लिए राज्य में मजबूत, सुरक्षित, विश्वसनीय और जिम्मेदार एआई इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा।

AI Skill Development: हर नागरिक तक एआई पहुंचाने की बनेगी रणनीति

बैठक में प्रस्तुत विजन डॉक्यूमेंट में बताया गया कि सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है, जहां हर नागरिक अपनी भाषा में एआई सीख सके, सरकार तकनीक आधारित भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराए और उद्योगों को नई गति मिले। इस मिशन के तहत पांच प्रमुख क्षेत्रों पर कार्य किया जाएगा। इनमें एआई कौशल विकास, नवाचार एवं स्टार्टअप, जागरूकता एवं आउटरीच, सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई तथा शासन में एआई का उपयोग शामिल हैं।

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि विद्यार्थियों और सरकारी कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य तय किया गया है। स्कूलों में एआई जागरूकता कार्यक्रम, एआई एवं रोबोटिक्स क्लब तथा हैकाथॉन आयोजित किए जाएंगे। महाविद्यालयों में एआई सर्टिफिकेशन कोर्स, छात्र परियोजनाओं के लिए अनुदान, आईटीआई में एआई लैब और विश्वविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।

AI Startup Ecosystem: स्टार्टअप और अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा

राज्य में एआई आधारित नवाचार को बढ़ावा देने के लिए डेटा लैब्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एआई स्टार्टअप, डेटा सेट और अनुसंधान परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही क्लाउड कंप्यूटिंग सुविधा, सीड फंडिंग और उद्योगों तथा शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से आधुनिक एआई स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की गई।

Safe AI Policy: डेटा सुरक्षा और जिम्मेदार एआई पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई के उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तर पर एआई नीति तैयार की जाएगी, जिसमें डेटा सुरक्षा, नागरिकों की निजता की रक्षा, नियमित तकनीकी ऑडिट और केंद्र सरकार के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) कानून के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।

सरकारी विभागों में एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विकसित की जाएगी। प्रत्येक विभाग के लिए अलग रोडमैप तैयार होगा और एआई नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही विभिन्न सरकारी एआई पायलट परियोजनाएं भी शुरू की जाएंगी। नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भाषिणी प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा, जिससे सरकारी सेवाएं अधिक सरल, सुलभ और समावेशी बन सकें।

Mobile Network Expansion: दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगा मजबूत मोबाइल नेटवर्क

मोबाइल नेटवर्क विस्तार की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में डीबीएन वित्तपोषित लगभग एक हजार मोबाइल टावर स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 577 नए मोबाइल टावरों को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 406 टावरों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो गई है, जबकि शेष 171 मामलों का निपटारा अगले एक महीने के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूरस्थ और वन क्षेत्रों तक बेहतर मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सुविधा समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए।

BharatNet Phase-3: 4,114 ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट

भारतनेट फेज-3 की समीक्षा में बताया गया कि राज्य की 4,114 ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी आधारित आधुनिक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही आईपी-एमपीएलएस आधारित एकीकृत नेटवर्क विकसित किया जाएगा और गांवों तक एफटीटीएच सेवाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी उच्च गुणवत्ता वाली इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

Seva Setu Portal: 94.3 प्रतिशत सफलता दर के साथ मिल रहीं डिजिटल सेवाएं

सेवा सेतु पोर्टल की समीक्षा में बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 36 विभागों की 520 सेवाएं इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। इनमें 111 होस्टेड और 409 रीडायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। प्रदेशभर में संचालित 16,726 सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु के माध्यम से 39.75 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 37.52 लाख आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है। इस प्रकार पोर्टल ने 94.3 प्रतिशत सफलता दर हासिल की है।

अधिकारियों ने बताया कि सेवा सेतु में क्यूआर आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, आधार प्रमाणीकरण, डिजिलॉकर एकीकरण, ट्रेजरी एवं ई-चालान प्रणाली तथा डीबीटी आधारित भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिससे सेवाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

Digital Projects: नवा रायपुर में बनेंगे एआई सेंटर और डेटा लैब्स

बैठक में नवा रायपुर में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स, सुरक्षा संचालन केंद्र, जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली और डिजिटल निगरानी जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं से राज्य में आईटी और आईटीईएस क्षेत्र को नई गति मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और हजारों युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा चिप्स के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर मयंक अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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