
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित खेल एवं युवा कल्याण विभाग के स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2025 में छत्तीसगढ़ के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और टीमों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
राज्य में पहली बार आयोजित इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में देशभर से आए खेल प्रशासकों, नीति निर्माताओं, खेल वैज्ञानिकों, पूर्व खिलाड़ियों, विशेषज्ञों और विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पूरे दिन चले विभिन्न सत्रों में खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण व्यवस्था, खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कॉन्क्लेव में हुए विचार-विमर्श से राज्य में खेलों के विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां से निकले सुझाव खिलाड़ियों की बेहतरी और खेल व्यवस्था को मजबूत बनाने में उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उत्कृष्ट खेल मिशन के तहत खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को मंजूरी दी गई है, जिन्हें भविष्य में सरकारी नौकरियों में लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने के लिए राज्य में बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे बड़े आयोजनों का सफल आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में करीब चार लाख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जबकि सरगुजा ओलंपिक में लगभग साढ़े तीन लाख प्रतिभागियों ने भागीदारी की। इतनी बड़ी संख्या यह दिखाती है कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ सही मंच और संसाधनों की है।
उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने कहा कि यह स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़ को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए लगातार योजनाएं बनाई जा रही हैं। छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियां ऐसे युवाओं को तैयार करती हैं जो शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होते हैं। अब प्राथमिक कक्षाओं से ही खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। अरुण साव ने कहा कि विशेषज्ञों से प्राप्त सुझावों को कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा ताकि खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल सकें।
कॉन्क्लेव में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक तनुजा सलाम, ओलंपियन जिन्सन जॉनसन, खेल वैज्ञानिक डॉ. रत्नेश सिंह, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, हाई परफॉर्मेंस एनॉलिस्ट रोनक कोठारी, पीईएफआई के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पियूष जैन, खेलो इंडिया के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान सहित कई विशेषज्ञ मौजूद रहे। इसके अलावा प्रदेशभर के खिलाड़ी, प्रशिक्षक, जिला खेल अधिकारी और खेल संघों के प्रतिनिधियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया।
समापन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक जीतने वाले 11 खिलाड़ियों और तीन टीमों को प्रोत्साहन राशि वितरित की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने 3 अप्रैल को आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह में पदक विजेताओं को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। छत्तीसगढ़ ने इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित कुल 19 पदक अपने नाम किए थे।
भारोत्तोलन में निकिता ने स्वर्ण पदक हासिल किया। रिषिका कश्यप ने भारोत्तोलन में, अनुष्का भगत ने तैराकी में तथा लक्ष्मण सोढ़ी, अभिषेक, डमरू कुमार, गजेन्द्र ठाकुर और तिलक बारसे ने एथलेटिक्स में रजत पदक जीते। वहीं मनीष कुमार ने एथलेटिक्स में, निखिल खलको ने तैराकी में और लक्की बाबू ने भारोत्तोलन में कांस्य पदक अपने नाम किया।
मुख्यमंत्री ने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी को 2 लाख रुपए, रजत पदक विजेताओं को 1.5 लाख रुपए तथा कांस्य पदक विजेताओं को 1 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला फुटबॉल टीम को 22 लाख रुपए, रजत पदक जीतने वाली पुरुष फुटबॉल टीम को 16.5 लाख रुपए और कांस्य पदक विजेता पुरुष हॉकी टीम को 9 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई।
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